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आधे स्कूलों में ही हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा
Ghazipur
Updated Thu, 19 Dec 2013 05:44 AM IST
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गाजीपुर। जिले में संचालित परिषदीय मान्यता प्राप्त, एडेड, नान एडेड प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा बुधवार को खामियों के बीच शुरू हुई। शिक्षकों की मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश स्तर पर आयोजित धरने के वजह से परीक्षा आधे से कुछ अधिक विद्यालयों में ही शुरूहो सकी। बहुत से विद्यालय बंद रहने से वहां परीक्षा नहीं हो पाई।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को प्राथमिक स्तर पर हिंदी, संस्कृत, कला, संगीत और कार्यानुभव की परीक्षा हुई। जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी, गणित और कला की परीक्षा आयोजित हुई। इस संबंध में बीआरसी, एनपीआरसी और डायट के मेंटरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करना चाहा, लेकिन कम विद्यालय खुला होने के कारण वह भी निराश लौट आए। विभाग की ओर से विद्यालय बंद रखने का कोई भी आदेश निर्गत नहीं किया गया था। धरना-प्रदर्शन के संबंध में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से धरना की कोई भी पूर्व सूचना डायट प्राचार्य एवं बीएसए को नहीं दी गई थी। शिक्षक संघ के आह्वान पर प्रधानाध्यापकों ने अपनेे विद्यालयों को बंद रखा। ऐसी स्थिति में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अपनी उपस्थित दर्ज कराने की समस्या उत्पन्न हो गई। जबकि वह हड़ताल और धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। वइस परीक्षा में परिषदीय प्राथमिक वर्ग के 2 लाख 52 हजार और उच्च प्राथमिक वर्ग के 66 हजार बच्चों को शामिल होना है।
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परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को प्राथमिक स्तर पर हिंदी, संस्कृत, कला, संगीत और कार्यानुभव की परीक्षा हुई। जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर हिंदी, गणित और कला की परीक्षा आयोजित हुई। इस संबंध में बीआरसी, एनपीआरसी और डायट के मेंटरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करना चाहा, लेकिन कम विद्यालय खुला होने के कारण वह भी निराश लौट आए। विभाग की ओर से विद्यालय बंद रखने का कोई भी आदेश निर्गत नहीं किया गया था। धरना-प्रदर्शन के संबंध में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से धरना की कोई भी पूर्व सूचना डायट प्राचार्य एवं बीएसए को नहीं दी गई थी। शिक्षक संघ के आह्वान पर प्रधानाध्यापकों ने अपनेे विद्यालयों को बंद रखा। ऐसी स्थिति में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को अपनी उपस्थित दर्ज कराने की समस्या उत्पन्न हो गई। जबकि वह हड़ताल और धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। वइस परीक्षा में परिषदीय प्राथमिक वर्ग के 2 लाख 52 हजार और उच्च प्राथमिक वर्ग के 66 हजार बच्चों को शामिल होना है।
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