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सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताया
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गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों की ओर से ग्राम हेतिमपुर, लंगरपुर प्रथम, लंगरपुर द्वितीय में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ विषय पर जनजागरण किया गया। इस अवसर पर बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताया गया।
वक्ताओं ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना का खाता बेटी के जन्म से लेकर दस वर्ष तक की आयु तक के बीच खुलवाया जा सकता है। जमाकर्ता बेटी के नाम से सिर्फ एक ही खाता खोल सकता है। माता-पिता या संरक्षक दो बेटियों के अलग-अलग एक खाता खोल सकते हैं। अगर जुड़वा बेटियां हैं तो जन्म संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके बाद तीसरा खाता खोला जा सकता है आदि बातें बताकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. सत्येंद्रनाथ सिंह, डॉ. जेके राव एवं डॉ. गोपाल सिंह यादव की देखरेख में चला। उधर स्वामी सहजानंद पीजी कालेज के विशेष शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेवकों ने गंगा मंथन विषय पर होने वाली प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चयनित ग्राम बकुलियापुर और असमानी चक में गंगा को स्वच्छ रखने और संरक्षण का संदेश दिया। सांध्यकालीन सत्र में बौद्धिक कार्यक्रम के अंतर्गत तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर प्रो. अमरनाथ राय ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। कहा कि हम लोग अपनी आश्यकताओं, लक्ष्य, क्षमता तथा परिवेश के मध्य संतुलन बनाकर तनाव को दूर कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा. डीपी राय ने कहा कि तनाव शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य दोनों को क्षति पहुंचाता है। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा. विलोक सिंह ने तथा आभार डा. रवि राय ने व्यक्त किया।
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वक्ताओं ने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना का खाता बेटी के जन्म से लेकर दस वर्ष तक की आयु तक के बीच खुलवाया जा सकता है। जमाकर्ता बेटी के नाम से सिर्फ एक ही खाता खोल सकता है। माता-पिता या संरक्षक दो बेटियों के अलग-अलग एक खाता खोल सकते हैं। अगर जुड़वा बेटियां हैं तो जन्म संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा जिसके बाद तीसरा खाता खोला जा सकता है आदि बातें बताकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. सत्येंद्रनाथ सिंह, डॉ. जेके राव एवं डॉ. गोपाल सिंह यादव की देखरेख में चला। उधर स्वामी सहजानंद पीजी कालेज के विशेष शिविर के तीसरे दिन स्वयंसेवकों ने गंगा मंथन विषय पर होने वाली प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चयनित ग्राम बकुलियापुर और असमानी चक में गंगा को स्वच्छ रखने और संरक्षण का संदेश दिया। सांध्यकालीन सत्र में बौद्धिक कार्यक्रम के अंतर्गत तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य विषय पर प्रो. अमरनाथ राय ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। कहा कि हम लोग अपनी आश्यकताओं, लक्ष्य, क्षमता तथा परिवेश के मध्य संतुलन बनाकर तनाव को दूर कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा. डीपी राय ने कहा कि तनाव शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य दोनों को क्षति पहुंचाता है। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डा. विलोक सिंह ने तथा आभार डा. रवि राय ने व्यक्त किया।
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