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तेरी उल्फत में, मैं सिरफिरा हो गया
Updated Sun, 18 Nov 2018 11:31 PM IST
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सुहवल (गाजीपुर)। ढढ़नी स्थित मां चंडी मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संचार-रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा एवं विधायक सुनीता सिंह ने संयुक्त रूप से कवि अतवारू लाल मुग्ध की द्वारा रचित ‘सत्य स्वप्न सुभाष’ नामक पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर श्री सिन्हा ने कहा कि यह पुस्तक समाज एवं देश का मार्गदर्शन करेगी। इस मौके पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया इसमें कवियों ने हास्य, व्यंग्य आदि रचनाओं को सुनाकर वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कवि सम्मेलन में कामेश्वर द्विवेदी ने मुसलमान है न हिंदू है, फकत हम नेक इंसा है सुनाकर लोगों को मुग्ध कर दिया। प्रवीण शुक्ला ने- गजल तू मेरी हो न हो मैं तेरा हो गया, तेरी उल्फत में, मैं सिरफिरा हो गया सुनाया तो पूरा परिसर तालियों से गूंज गया। गोपाल गौरव ने कहीं मस्जिद कहीं शिवाला है, फिर भी होता नहीं उजाला है तथा कुमार शैलेंद्र ने कहा सजन के स्वप्न जब से आंखों में मेरी उतर आए, मेरा मन इंद्रधनुषी रंग ले आकाश लिखता हूं सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि बिनय राय बबुरंग, अनंतदेव पांडेय, डा. अक्षयवर पांडेय आदि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों की सराहना बटोरी। अध्यक्षता पूर्व आईएएस अधिकारी बालेश्वर राय एवं संचालन अक्षय पांडेय ने किया। इस मौके पर विजयशंकर राय, मधुरेश, अरुण कुमार राय, शिवकुमार लाल, अंजनी लाल श्रीवास्तव, द्वारिका नाथ, गिरजाशंकर, कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, शारदा प्रसाद लाल, भानूप्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय, ओमप्रकाश राय, अनिल राय आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कवि सम्मेलन में कामेश्वर द्विवेदी ने मुसलमान है न हिंदू है, फकत हम नेक इंसा है सुनाकर लोगों को मुग्ध कर दिया। प्रवीण शुक्ला ने- गजल तू मेरी हो न हो मैं तेरा हो गया, तेरी उल्फत में, मैं सिरफिरा हो गया सुनाया तो पूरा परिसर तालियों से गूंज गया। गोपाल गौरव ने कहीं मस्जिद कहीं शिवाला है, फिर भी होता नहीं उजाला है तथा कुमार शैलेंद्र ने कहा सजन के स्वप्न जब से आंखों में मेरी उतर आए, मेरा मन इंद्रधनुषी रंग ले आकाश लिखता हूं सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि बिनय राय बबुरंग, अनंतदेव पांडेय, डा. अक्षयवर पांडेय आदि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों की सराहना बटोरी। अध्यक्षता पूर्व आईएएस अधिकारी बालेश्वर राय एवं संचालन अक्षय पांडेय ने किया। इस मौके पर विजयशंकर राय, मधुरेश, अरुण कुमार राय, शिवकुमार लाल, अंजनी लाल श्रीवास्तव, द्वारिका नाथ, गिरजाशंकर, कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, शारदा प्रसाद लाल, भानूप्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय, ओमप्रकाश राय, अनिल राय आदि मौजूद रहे।
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