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Ghazipur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 91520 वाद अंतिम रूप से निस्तारित हुए
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। सुबह आठ बजे जनपद न्यायालय परिसर में न्यायाधीश और प्राधिकरण के अधिकारी समेत अन्य लोग जुट गये थे। मां सरस्वती के चित्र पर जनपद न्यायाधीश संजय कुमा ने माल्यार्पण और दीप-प्रज्जवलन कर लोक अदालत का उद्घाटन किया।
इसके बाद लोक अदालत की कार्यवाही शुरू हुई। इस बीच, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव दीपेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु नियत वादों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। लोक अदालत में कुल 110770 मामले निस्तारण के लिए नियत किये गये थे। जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 91520 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किये गये।
राजस्व विभाग आदि के 5769 मामले, विभिन्न न्यायालयों द्वारा 14022 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 71729 मामले निस्तारित किये गये। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 68797165 रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित हुआ। दीवानी न्यायालय द्वारा कुल 30968351 रुपये के संबंध में आदेश पारित किया गया तथा राजस्व न्यायालयों एवं बैंक में कुल 37828814 रुपये के संबंध में सुलह-समझौता हुआ।
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प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय की ओर से 39 वाद निस्तारित किये गये तथा न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 61 वाद निस्तारित किये गये। साथ ही कुल 2112000 रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित किया गया।
जनपद न्यायालय में फौजदारी मामलों में सबसे अधिक निस्तारण मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी शरद कुमार चैधरी द्वारा तथा दीवानी मामलों में सबसे अधिक निस्तारण सिविल जज (वरिष्ठ संवर्ग) स्वप्न आनन्द द्वारा किया गया।
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लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रांति आई: सचिव
पूर्णकालिक सचिव ने बताया कि लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रान्ति आई है और लोगो में विधिक जागरूकता भी बढ़ी हैं। उनके द्वारा जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार प्रसार हेतु किये गये प्रयासों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी गई। साथ ही सामान्य अदालत एवं लोक अदालत में अन्तर को विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश संजय कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्र प्रकाश तिवारी, स्पेशल जज अरविन्द मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव, स्पेशल जज दुर्गेश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चैधरी, सिविल जज स्वप्न आनंद समेत अन्य जज व कर्मचारी मौजूद रहे।
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केस-1
वर्ष 2013 में एक ट्रैक्टर एजेंसी से दो लाख 45 हजार जमा कर ट्रैक्टर खरीदा था। बाकी रकम किस्तों में जमा करना था। किस्त जमा करने में कुछ देरी हो गई तो एजेंसी वाले घर से ट्रैक्टर लेकर चले गये। और जमा पैसे भी नहीं दिए, फिर हमने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। तीन वर्ष बाद फैसला मेरे पक्ष में आया। एजेंसी संचालक हाईकोर्ट चला गया वहां भी मेरी जीत हुई। आज लोक अदालत के माध्यम से मेरा पूरा पैसा चेक से मिल गया।
- चंद्रावती देवी, बिल्बरपुर।
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केस-2
हमने एसबीआई से एक लाख 40 हजार का लोन लिया था। उसका ब्याज ज्यादा हो गया है। ब्याज की राशि में कटौती करने के लिए लोक अदालत में आए थे लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हुआ।
- संगीता देवी, सैदपुर ब्लाक
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केस-3
बिजली विभाग ने बिजली चोरी का आरोप लगाया था, जो आज लोक अदालत में निस्तारित किया गया। - जितेंद्र, गजाधरपुर।
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केस-4 यूबीआई से किसान लोन लिया था जिसका ब्याज करीब 69 हजार हो गया था। आयोजित लोक अदालत में 42 हजार जमा कर निस्तारित कर दिया गया। - परस राम, सादात ब्लाॅक।
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गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। सुबह आठ बजे जनपद न्यायालय परिसर में न्यायाधीश और प्राधिकरण के अधिकारी समेत अन्य लोग जुट गये थे। मां सरस्वती के चित्र पर जनपद न्यायाधीश संजय कुमा ने माल्यार्पण और दीप-प्रज्जवलन कर लोक अदालत का उद्घाटन किया।
इसके बाद लोक अदालत की कार्यवाही शुरू हुई। इस बीच, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव दीपेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु नियत वादों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। लोक अदालत में कुल 110770 मामले निस्तारण के लिए नियत किये गये थे। जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 91520 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किये गये।
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राजस्व विभाग आदि के 5769 मामले, विभिन्न न्यायालयों द्वारा 14022 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 71729 मामले निस्तारित किये गये। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 68797165 रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित हुआ। दीवानी न्यायालय द्वारा कुल 30968351 रुपये के संबंध में आदेश पारित किया गया तथा राजस्व न्यायालयों एवं बैंक में कुल 37828814 रुपये के संबंध में सुलह-समझौता हुआ।
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प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय की ओर से 39 वाद निस्तारित किये गये तथा न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 61 वाद निस्तारित किये गये। साथ ही कुल 2112000 रुपये की धनराशि के संबंध में आदेश पारित किया गया।
जनपद न्यायालय में फौजदारी मामलों में सबसे अधिक निस्तारण मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी शरद कुमार चैधरी द्वारा तथा दीवानी मामलों में सबसे अधिक निस्तारण सिविल जज (वरिष्ठ संवर्ग) स्वप्न आनन्द द्वारा किया गया।
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लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रांति आई: सचिव
पूर्णकालिक सचिव ने बताया कि लोक अदालत से न्याय के क्षेत्र में क्रान्ति आई है और लोगो में विधिक जागरूकता भी बढ़ी हैं। उनके द्वारा जनपद न्यायाधीश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार प्रसार हेतु किये गये प्रयासों के बारे में संक्षेप में जानकारी दी गई। साथ ही सामान्य अदालत एवं लोक अदालत में अन्तर को विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश संजय कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्र प्रकाश तिवारी, स्पेशल जज अरविन्द मिश्र, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव, स्पेशल जज दुर्गेश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चैधरी, सिविल जज स्वप्न आनंद समेत अन्य जज व कर्मचारी मौजूद रहे।
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केस-1
वर्ष 2013 में एक ट्रैक्टर एजेंसी से दो लाख 45 हजार जमा कर ट्रैक्टर खरीदा था। बाकी रकम किस्तों में जमा करना था। किस्त जमा करने में कुछ देरी हो गई तो एजेंसी वाले घर से ट्रैक्टर लेकर चले गये। और जमा पैसे भी नहीं दिए, फिर हमने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की। तीन वर्ष बाद फैसला मेरे पक्ष में आया। एजेंसी संचालक हाईकोर्ट चला गया वहां भी मेरी जीत हुई। आज लोक अदालत के माध्यम से मेरा पूरा पैसा चेक से मिल गया।
- चंद्रावती देवी, बिल्बरपुर।
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केस-2
हमने एसबीआई से एक लाख 40 हजार का लोन लिया था। उसका ब्याज ज्यादा हो गया है। ब्याज की राशि में कटौती करने के लिए लोक अदालत में आए थे लेकिन मामले का निस्तारण नहीं हुआ।
- संगीता देवी, सैदपुर ब्लाक
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केस-3
बिजली विभाग ने बिजली चोरी का आरोप लगाया था, जो आज लोक अदालत में निस्तारित किया गया। - जितेंद्र, गजाधरपुर।
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केस-4 यूबीआई से किसान लोन लिया था जिसका ब्याज करीब 69 हजार हो गया था। आयोजित लोक अदालत में 42 हजार जमा कर निस्तारित कर दिया गया। - परस राम, सादात ब्लाॅक।