गाजीपुर। जिले के 908 संदिग्धों की रिपोर्ट करीब एक पखवारे से पेंडिंग हैं। ऐसे में उनके द्वारा एहतियात एवं सतर्कता न बरतने से संक्रमण फैलाव का खतरा बढ़ता दिख रहा है। अब तक दो लाख 24 हजार 466 की जांच हो चुकी है। इसमें दो लाख 23 हजार 558 की रिपोर्ट आई है, जिसमें दो लाख 18 हजार 477 निगेटिव व 5081 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि विभाग की ओर से प्रतिदिन पांच से ऊपर संदिग्धों की जांच कराई जा रही है।
बीते मार्च माह के अंतिम सप्ताह में कोरोना संक्रमण का दौर शुरू हुआ है। जबकि अप्रैल माह से कोरोना संक्रमित मिलने शुरू हो गए। ऐसे में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। आरटीपीसीआर के बाद ट्रूनैट मशीन एवं एंटीजन टेस्ट से संदिग्धों की जांच कराई जाने लगी, जिससे उन्हें पॉजिटिव व निगेटिव की रिपोर्ट तत्काल मिल सके व उपचार हो सके। वर्तमान समय में स्थिति तो यह है 15 दिन पूर्व 908 संदिग्धों का स्वैब जांच के लिए बीएचयू गया हुआ, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में अब जिनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, वह बाजार सहित अन्य जगहों पर आ जा रहे हैं, जिससे कोरोना संक्रमण फैलाव का खतरा मंडरात दिख रहा है। इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डा. केके वर्मा ने बताया कि बीएचयू से आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने देरी होती है। वजह कई जनपदों से स्वैब जांच के लिए पहुंचता है।