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झोपड़ी में लगी आग, गृहस्थी का सामान राख
Updated Mon, 12 Nov 2018 12:58 AM IST
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जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के चकिया गांव में स्थित एक रिहाइशी झोपड़ी में शनिवार की देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी में रखा गृहस्थी का हजारों का सामान जलकर राख हो गया था।
चकिया गांव निवासी सुनील रोज की तरह शनिवार की रात भी परिवार के साथ अपनी रिहाइशी झोपड़ी में सोया था। इसी दौरान करीब दस बजे अचानक अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई। वह परिवार के साथ भागकर झोपड़ी से बाहर निकला और आग-आग का शोर मचाने लगा। आधा घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी में रखा कपड़ा, चारपाई, बिस्तर, अनाज सहित हजारों का गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पी ड़ित खुले आसमान के नीचे आ गया है। न तो तन ढकने के लिए कपड़ा बचा और न ही पेट भरने के लिए अनाज। इस संबंध में तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। हलका लेखपाल द्वारा रविवार को मौका मुआयना कर रिपोर्ट सौंपी गई है। शीघ्र ही पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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चकिया गांव निवासी सुनील रोज की तरह शनिवार की रात भी परिवार के साथ अपनी रिहाइशी झोपड़ी में सोया था। इसी दौरान करीब दस बजे अचानक अज्ञात कारणों से झोपड़ी में आग लग गई। वह परिवार के साथ भागकर झोपड़ी से बाहर निकला और आग-आग का शोर मचाने लगा। आधा घंटा की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह से ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी में रखा कपड़ा, चारपाई, बिस्तर, अनाज सहित हजारों का गृहस्थी का सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पी ड़ित खुले आसमान के नीचे आ गया है। न तो तन ढकने के लिए कपड़ा बचा और न ही पेट भरने के लिए अनाज। इस संबंध में तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। हलका लेखपाल द्वारा रविवार को मौका मुआयना कर रिपोर्ट सौंपी गई है। शीघ्र ही पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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