{"_id":"5be087fabdec226939028a69","slug":"81541441530-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम के बदले वेतन नहीं दे रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम के बदले वेतन नहीं दे रही सरकार
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। अपनी मांगों को लेकर संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति की ओर से विकास भवन पर धरना दिया गया। इस बीच समितियों पर ताला बंद रहा। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अब हमारी लड़ाई आर-पार की होगी। सरकार की ओर से की जा रही उपेक्षा अब बर्दाश्त से बाहर हो गई है। काम कराया जा रहा है, लेकिन वेतन नहीं दिया जा रहा है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाएंगी हमारा आंदोलन चलता रहेगा।
अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि प्रमुख रूप से हमारी दो मांगें हैं, जो जायज है। जिला मंत्री मितेंद्रनाथ सिंह ने कहा कि सभी पैक्स के सचिव एवं कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की तरह नियमित वेतन भुगतान किया जाना चाहिए। काम के अनुरुप वेतन भी मिलना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अब जब तक बकाए वेतन का भुगतान नहीं कर दिया जाता तब हमारा यह आंदोलन चलता रहेगा। कहा कि हमारे आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लखनऊ में लाठी चार्ज कर हमारे कई भाईयों को घायल कर दिया गया। सरकार की गलत नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि काम लो, वेतन मत दो और मांगने पर लाठी से मारों। यह हम पर कितना जुल्म है। इस मौके पर अजय राय, पारस, अनिरुद्ध उपाध्याय, गिरजा यादव, विनोद पांडेय, रामविलास दूबे, अयोध्या राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि प्रमुख रूप से हमारी दो मांगें हैं, जो जायज है। जिला मंत्री मितेंद्रनाथ सिंह ने कहा कि सभी पैक्स के सचिव एवं कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की तरह नियमित वेतन भुगतान किया जाना चाहिए। काम के अनुरुप वेतन भी मिलना चाहिए। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अब जब तक बकाए वेतन का भुगतान नहीं कर दिया जाता तब हमारा यह आंदोलन चलता रहेगा। कहा कि हमारे आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लखनऊ में लाठी चार्ज कर हमारे कई भाईयों को घायल कर दिया गया। सरकार की गलत नीतियों की चर्चा करते हुए कहा कि काम लो, वेतन मत दो और मांगने पर लाठी से मारों। यह हम पर कितना जुल्म है। इस मौके पर अजय राय, पारस, अनिरुद्ध उपाध्याय, गिरजा यादव, विनोद पांडेय, रामविलास दूबे, अयोध्या राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन