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टूटी सड़क पर आवागमन कष्टदायक
Updated Tue, 22 May 2018 11:08 PM IST
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गाजीपुर। शहर के लाल दरवाजा त्रिमुहानी से झुन्नूलाल चौहारा जाने वाला मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जगह-जगह छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर पिच की जगह सिर्फ मिट्टी और गिट्टी दिखाई दे रही है। दिन में तो लोग गड्ढों से बच-बचा कर निकल जा रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में खासकर सड़क की स्थिति से अंजान लोग गिर कर घायल हो रहे हैं। नंगे पांव गंगा स्नान करने जाने वाले स्नानार्थियों को मार्ग पर बिखरी गिट्टियां परेशान कर रही हैं।
शहर के अधिकांश सड़कों की दशा नगरपालिका की तरफ से सुधार दी गई है, लेकिन अभी भी कई सड़कें के अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। उन्हीं में से एक लालदरवाजा तिराहा से झुन्नालाच चौराहा जाने वालीसड़क है, जो करीब आठ वर्षों से बदहाल है। सड़क का यह हाल है कि काफी दूर की कौन कहे, हर कदम छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है। इसकी वह से चाह कर भी वाहन सवार वाहनों को रफ्तार में नहीं दौड़ा पाते हैं। गड्ढों की वजह से हर पल उन्हें ब्रेक लगाना पड़ता है। कई स्थानों पर तो सड़क को अस्तित्व ही पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। पिच की जगह सिर्फ गिट्टी और मिट्टी दिखाई दे रही है। मार्ग के बीच से ही नाला निकाला गया है। नाला को ढंकने के लिए लगाई गई पटियां भी जर्जर हो गई हैं, जिससे वाहनों के गुजरने के दौरान उनके टूटने का खतरा बना हुआ है। दिन के उजाले में तो सड़क के गड्ढों पर लोगों की नजर पड़ जा रही है और लोग बच-बचा कर निकल जा रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में खास कर गड्ढों से अंजान लोग आए दिन गिर कर घायल हो रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भोर में सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा स्नान करने के लिए कलेक्टर घाट जाते हैं। इन स्नानार्थियों में तमाम आस्थावान लोग ऐसे भी शामिल रहते हैं, जो नंगे पैर गंगा घाट तक जाते हैं। ऐसे के लिए मार्ग पर फैली गिट्टियां कष्टदायक साबित हो रही है। बारिश होने पर मार्ग की सूरत और भी बदसूरत हो जा रही है। गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ फैलने से आवागमन करने वालों की दुश्वारियां और भी बढ़ जाती हैं।
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शहर के अधिकांश सड़कों की दशा नगरपालिका की तरफ से सुधार दी गई है, लेकिन अभी भी कई सड़कें के अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। उन्हीं में से एक लालदरवाजा तिराहा से झुन्नालाच चौराहा जाने वालीसड़क है, जो करीब आठ वर्षों से बदहाल है। सड़क का यह हाल है कि काफी दूर की कौन कहे, हर कदम छोटा-बड़ा गड्ढा मौजूद है। इसकी वह से चाह कर भी वाहन सवार वाहनों को रफ्तार में नहीं दौड़ा पाते हैं। गड्ढों की वजह से हर पल उन्हें ब्रेक लगाना पड़ता है। कई स्थानों पर तो सड़क को अस्तित्व ही पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। पिच की जगह सिर्फ गिट्टी और मिट्टी दिखाई दे रही है। मार्ग के बीच से ही नाला निकाला गया है। नाला को ढंकने के लिए लगाई गई पटियां भी जर्जर हो गई हैं, जिससे वाहनों के गुजरने के दौरान उनके टूटने का खतरा बना हुआ है। दिन के उजाले में तो सड़क के गड्ढों पर लोगों की नजर पड़ जा रही है और लोग बच-बचा कर निकल जा रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में खास कर गड्ढों से अंजान लोग आए दिन गिर कर घायल हो रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन भोर में सैकड़ों की संख्या में लोग गंगा स्नान करने के लिए कलेक्टर घाट जाते हैं। इन स्नानार्थियों में तमाम आस्थावान लोग ऐसे भी शामिल रहते हैं, जो नंगे पैर गंगा घाट तक जाते हैं। ऐसे के लिए मार्ग पर फैली गिट्टियां कष्टदायक साबित हो रही है। बारिश होने पर मार्ग की सूरत और भी बदसूरत हो जा रही है। गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ फैलने से आवागमन करने वालों की दुश्वारियां और भी बढ़ जाती हैं।
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