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आरटीपीसीआर जांच के 806 रिपोर्ट पेंडिंग ..
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गाजीपुर जिले के 806 आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट अब तक पेंडिंग है। ऐसे में मरीज एंटीजन जांच के आधार पर उपचार कराने को विवश हैं। वहीं बीते वर्ष पांच मार्च से लेकर अब तक 950660 लोगों की जांच हो चुकी है। इसमें 949854 रिपोर्ट आई है, जिसमें 928215 निगेटिव और 21639 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रविवार को 676 संदिग्धों की जांच की गई, जिसमें531 की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं 145 लोगों का स्वैब आरटीपीसीआर जांच बीएचयू भेजा गया है।
कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद को दो माह तक ऐसा अपने चपेट में लिया था कि लगातार मरीजों के आंकड़ों में वृद्धि हो रही थी और मरीजों के मौत का भी आंकड़ा बढ़ रहा था। ऐसे में जांच, दवा एवं वैक्सीनेश को जिला प्रशासन ने ऐसा अभियान बनाया कि संक्रमण का दर घटना शुरू हो गया। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो प्रतिदिन गठित 85 टीम द्वारा 500 से ऊपर लोगों की आरटीपीसीआर एवं एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट से तत्काल निगेटिव और पॉजिटिव की जानकारी मिल जा रही है, लेकिन बीएचयू से आरटीपीसीआर की जांच लंबित होने से ऐसे संदिग्ध मरीज उपचार को लेकर असंमजस की स्थिति में पड़े रहते हैं।
ऐसे में उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। विभाग के मुताबिक वर्तमान समय में जिले में एक कोरोना संक्रमित है। जबकि जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों की संख्या शून्य है। इस संबंध में नोडल एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोविड गाइड लाइन का पालन जरूरी है और वैक्सीनेशन जरूर कराएं। बीएचयू में अन्य जिलों की भी जांच होती है। यही कारण की रिपोर्ट देरी से मिल पाती है।
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कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद को दो माह तक ऐसा अपने चपेट में लिया था कि लगातार मरीजों के आंकड़ों में वृद्धि हो रही थी और मरीजों के मौत का भी आंकड़ा बढ़ रहा था। ऐसे में जांच, दवा एवं वैक्सीनेश को जिला प्रशासन ने ऐसा अभियान बनाया कि संक्रमण का दर घटना शुरू हो गया। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो प्रतिदिन गठित 85 टीम द्वारा 500 से ऊपर लोगों की आरटीपीसीआर एवं एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट से तत्काल निगेटिव और पॉजिटिव की जानकारी मिल जा रही है, लेकिन बीएचयू से आरटीपीसीआर की जांच लंबित होने से ऐसे संदिग्ध मरीज उपचार को लेकर असंमजस की स्थिति में पड़े रहते हैं।
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ऐसे में उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। विभाग के मुताबिक वर्तमान समय में जिले में एक कोरोना संक्रमित है। जबकि जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों की संख्या शून्य है। इस संबंध में नोडल एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोविड गाइड लाइन का पालन जरूरी है और वैक्सीनेशन जरूर कराएं। बीएचयू में अन्य जिलों की भी जांच होती है। यही कारण की रिपोर्ट देरी से मिल पाती है।
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