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मुद्दा तब और अब

Thu, 28 Mar 2019 10:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2019 10:46 PM IST
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मुद्दा तब और अब
सादात। गाजीपुर संसदीय सीट के तहत आने वाले विधानसभा जखनियां के सादात क्षेत्र के कस्बा हो या ग्रामीण इलाका पांच वर्ष में कोई खास परिवर्तन अथवा विकास देखने को नहीं मिल रहा है। बिजली, पानी के साथ ही जखनियां में मुंसफ न्यायालय की स्थापना, रोडवेज बसों के संचालन, मंजुई के पास उदंती नदी पर बड़ा पुल बनाने, सादात स्टेशन पर लिच्छवी एक्सप्रेस और चौरी- चौरा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग आदि मुद्दे अभी तक जस के तस बने हुए हैं। कुछ सड़कों का पुनर्निर्माण शुरू तो हुआ, लेकिन वह अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। सैदपुर से सादात होते हुए गाजीपुर मुख्यालय तक रोडवेज बस चलाने की मांग लगातार लोगों की ओर से की जाती रही, लेकिन वह अनसुनी हो गई। अभी कुछ ही दिन पूर्व ही छपरा - वाराणसी इंटर सिटी एक्सप्रेस का ठहराव सादात स्टेशन पर किया गया है।
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पूर्व प्राचार्य डा. चौथी यादव ने कहा कि उदंती नदी पर पक्का पुल बनाए जाने की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है। इसके बारे में आश्वासन भी मिला था, लेकिन समय बीत गया और समस्या जस की तस रह गई। कुछ सड़कों के निर्माण का काम हुआ, लेकिन कुछ आधी अधूरी ही रह गई। इस बार भी वादे ही किए जाएंगे। पूर्व ग्राम प्रधान शिकारपुर वीरेंद्र यादव ने बताया कि जखनियां में एक मुंसफ न्यायालय की स्थापना आवश्यक है। इसकी मांग बहुत दिनों से चल रही है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। न्यायालय की स्थापना हो जाने से विवाद सुलझाने के लिए लोगों को जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। हर जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को नजर अंदाज कर देता है। रिटायर्ड प्रधानाध्यापक हरदेव राम ने कहा कि क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं का तो कोई समाधान ही नहीं दिख रहा है। वह अपनी उपज को कौड़ियों के भाव बेचने को मजबूर हो रहे हैं। सबसे अधिक लाभ बिचौलिए उठा रहे हैं। सही कीमत पर अनाज खरीदने तथा सुगम ट्रासपोंर्ट की व्यवस्था के बगैर किसान बदहाल हैं। शिक्षणेत्तर कर्मचारी कमला राय का कहना है स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यहां कोई विकास नहीं हुआ है। कई अस्पतालों में डाक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। सबसे बड़ी समस्या गर्भवती तथा प्रसूता महिलाओं को हो रही है। इधर स्टेशन का विकास तो हुआ है लेकिन मांग के अनुरूप गाड़ियों का ठहराव नहीं होने से भी कई समस्याएं होती हैं।
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