{"_id":"5c8e83edbdec2214114a2d06","slug":"71552843757-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय संविधान के प्रति पूरी आस्था रखता है मुसलमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय संविधान के प्रति पूरी आस्था रखता है मुसलमान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। नगर के लंका मैदान में रविवार को संविधान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सैयद कंबर जफर ने कहा कि इस देश का मुसलमान डा. भीमराव आंबेडकर का अनुयायी है एवं भारतीय संविधान के प्रति पूरी आस्था रखता है। हम इस देश के मूल निवासी हैं, हमें ऐसे लोगों से हमेशा सावधान रहना है, जो जाति-धर्म-संप्रदाय के नाम पर हमें आपस में लड़ाकर वोट की राजनीति करते हैं।
मुख्य अतिथि डा. इंदू चौधरी ने डा. आंबेडकर और कांशीराम के आंदोलन के संबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि डा. आंबेडकर के भारतीय संविधान की ही देन है कि इस देश का दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक समाज कुछ तरक्की कर पाया है, अन्यथा मनुवादी व्यवस्था ने तो शिक्षा के दरवाजे ही बंद कर रखे थे। भारतीय संविधान के का्रण ही आज वंचित समाज के लोग निर्वाचित होकर जनप्रतिनिधि बन पाते हैं। आज जो कर्मचारी-अधिकारी बने हुए हैं, वह भी संविधान की ही देन है। हमारे जो जनप्रतिनिधि संविधान एवं आरक्षण के बल पर निर्वाचित होकर सदन में जाते हैं, वह वहां चुप बैठे रहते हैं। कहा कि वर्तमान सरकार बहुजन समाज के साथ कुठाराघात कर रही है। उद्योगों का निजीकरण हो रहा है। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक निजी क्षेत्र में जा रही है। जहां आरक्षण के कोई मायने नहीं है। इस अवसर पर डीपी बौद्ध, सीएम गौतम, लालबहादुर आदि ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर अफजल अहमद, ओमप्रकाश, संदीप पटेल, रमेश बिंद, रामअवतार यादव, राजकुमार, मो. अहमर, कन्हैयालाल, हरिनाथ के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे। अध्यक्षता रामदर्शन सिंह यादव तथा संचालन अजय राज ने किया। अंत में अधिवक्ता शकील जैदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि डा. इंदू चौधरी ने डा. आंबेडकर और कांशीराम के आंदोलन के संबंध में विस्तार से बताते हुए कहा कि डा. आंबेडकर के भारतीय संविधान की ही देन है कि इस देश का दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक समाज कुछ तरक्की कर पाया है, अन्यथा मनुवादी व्यवस्था ने तो शिक्षा के दरवाजे ही बंद कर रखे थे। भारतीय संविधान के का्रण ही आज वंचित समाज के लोग निर्वाचित होकर जनप्रतिनिधि बन पाते हैं। आज जो कर्मचारी-अधिकारी बने हुए हैं, वह भी संविधान की ही देन है। हमारे जो जनप्रतिनिधि संविधान एवं आरक्षण के बल पर निर्वाचित होकर सदन में जाते हैं, वह वहां चुप बैठे रहते हैं। कहा कि वर्तमान सरकार बहुजन समाज के साथ कुठाराघात कर रही है। उद्योगों का निजीकरण हो रहा है। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक निजी क्षेत्र में जा रही है। जहां आरक्षण के कोई मायने नहीं है। इस अवसर पर डीपी बौद्ध, सीएम गौतम, लालबहादुर आदि ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर अफजल अहमद, ओमप्रकाश, संदीप पटेल, रमेश बिंद, रामअवतार यादव, राजकुमार, मो. अहमर, कन्हैयालाल, हरिनाथ के साथ सैकड़ों महिला-पुरुष मौजूद थे। अध्यक्षता रामदर्शन सिंह यादव तथा संचालन अजय राज ने किया। अंत में अधिवक्ता शकील जैदी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन