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सातवें दिन हुई कालरात्रि की अराधना
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:37 PM IST
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गाजीपुर। नवरात्र के सातवें दिन मां शेरावाली की आराधना शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों में होती रही। सुबह से ही घंटा-घड़िय़ालों के बजने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर शाम तक नहीं थमा। मां के दरबार में श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर मंगल की कामना की। गहमर स्थित मां कामाख्या धाम और करीमुद्दीनपुर मां कष्टहरणी देवी मंदिर में सैकड़ों भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
नवरात्र के सातवें दिन गहमर स्थित मां कामाख्या धाम पर जिले के साथ ही गैर जनपदों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। मां के चरणों में प्रसाद, चुनरी, नारियल आर्पित कर उनकी आराधना की। आलम यह था कि जितने दर्शनार्थी दर्शन कर लौट रहे थे, उससे भी अधिक लोग दर्शन के लिए पहुंच जा रहे थे। करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालु मां शक्ति स्वरूपा की आराधना में लीन रहे। उनसे मन्नतें मांगी। हरिहपुर स्थित मां काली धाम पर मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। सुबह से लेकर देर शाम तक हवन-पूजन का क्रम चलता रहा। मुहम्मदाबाद के जमलापुर स्थित महा काली और तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी के मंदिर पर सुबह से ही मां के दीवानों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। इस दौरान भक्तों ने मां की पूजा-आराधना कर मंगल कामना की। मां के जयकारे से आसपास का माहौल देवीमय बना रहा। इसी तरह रेवतीपुर स्थित मां भवानी, दिलदारनगर स्थित शायर माता मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी मां के चरणों में शीश नवा कर उनसे परिवार के लिए मंगल की कामना की। कुछ इसी तरह की स्थिति कासिमाबाद, भांवरकोल, दुबिहा, सिधागरघाट, सुहवल, सेवराई, जमानिया, मतसा, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, मनिहारी, सादात, भीमापार, जखनिया, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, नंदगंज, कठवामोड़ सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर देवी धाम की भी रही। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम बना रहा। मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा मां का जयकारा लगाने और घंट-घड़ियाल बजाने से आसपास का वातावरण पूरी समय से देवीमय बना रहा।
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नवरात्र के सातवें दिन गहमर स्थित मां कामाख्या धाम पर जिले के साथ ही गैर जनपदों से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। मां के चरणों में प्रसाद, चुनरी, नारियल आर्पित कर उनकी आराधना की। आलम यह था कि जितने दर्शनार्थी दर्शन कर लौट रहे थे, उससे भी अधिक लोग दर्शन के लिए पहुंच जा रहे थे। करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी मंदिर में भक्तों का रेला उमड़ा। सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालु मां शक्ति स्वरूपा की आराधना में लीन रहे। उनसे मन्नतें मांगी। हरिहपुर स्थित मां काली धाम पर मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। सुबह से लेकर देर शाम तक हवन-पूजन का क्रम चलता रहा। मुहम्मदाबाद के जमलापुर स्थित महा काली और तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी के मंदिर पर सुबह से ही मां के दीवानों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। इस दौरान भक्तों ने मां की पूजा-आराधना कर मंगल कामना की। मां के जयकारे से आसपास का माहौल देवीमय बना रहा। इसी तरह रेवतीपुर स्थित मां भवानी, दिलदारनगर स्थित शायर माता मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी मां के चरणों में शीश नवा कर उनसे परिवार के लिए मंगल की कामना की। कुछ इसी तरह की स्थिति कासिमाबाद, भांवरकोल, दुबिहा, सिधागरघाट, सुहवल, सेवराई, जमानिया, मतसा, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, मनिहारी, सादात, भीमापार, जखनिया, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, नंदगंज, कठवामोड़ सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर देवी धाम की भी रही। सुबह से लेकर देर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम बना रहा। मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा मां का जयकारा लगाने और घंट-घड़ियाल बजाने से आसपास का वातावरण पूरी समय से देवीमय बना रहा।
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