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शौचालय निर्माण में लाखों का गबन, प्रधान व सचिव पर केस दर्ज
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:23 PM IST
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गाजीपुर। स्वच्छ भारत मिशन तथा नीर निर्मल परियोजना के अंतर्गत जिले में साढ़े तीन लाख शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसके तहत गांव-गांव में शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। शौचालय निर्माण में लूट-खसोट की शिकायत भी मिल रही है। इसी के तहत मरदह ब्लाक के बौरी ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण में की गई धांधली की शिकायत पर विभाग ने जांच का आदेश दिया था। जांच में प्रथम किस्त की पूरी धनराशि महज दो दिन में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा 25 लाख 72 हजार 200 रुपये निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद डीपीआरओ के निर्देश पर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय पर शुक्रवार की देर शाम नोनहरा थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिले के ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन तथा निर्मल परियोजना के तहत जिले में कुल साढ़े तीन लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य शासन से दिया गया है। इसके तहत मरदह ब्लाक के बौरी ग्राम पंचायत में 1142 शौचालय निर्माण होना है। इसके लिए बीते 25 अप्रैल को प्रथम किस्त के रूप में 68 लाख 52 हजार रुपये भेजे गए थे। ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय रमेश चंद्र राम की मिलीभगत से 19 और 20 जुलाई को 25 लाख 72 हजार 200 रुपये दो दिन के भीतर उतार लिए गए। धनराशि उतराने का मामला प्रकाश में आते ही जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद डीपीआरओ लालजी दूबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच ब्लाक और जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कराई। जांच के दौरान आठ शौचालय का ही निर्माण कराया गया था। वह भी निर्माण आधा-अधूरा ही मिला। इसके साथ ही धनराशि उतराने का मामला भी सही मिलने पर डीपीआरओ ने तत्काल बौरी ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय रमेश चंद्र यादव पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रभाकर पांडेय ने ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय के खिलाफ नोनहरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 406, 409 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इस संबंध में डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि शौचालय निर्माण का धन प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय ने उतार लिया है। सरकारी धन का गबन करने की जानकारी होने पर जांच कराकर दोनों के खिलाफ नोनहरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के यहां भेज दी गई है। इनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई होना तय है।
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जिले के ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन तथा निर्मल परियोजना के तहत जिले में कुल साढ़े तीन लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य शासन से दिया गया है। इसके तहत मरदह ब्लाक के बौरी ग्राम पंचायत में 1142 शौचालय निर्माण होना है। इसके लिए बीते 25 अप्रैल को प्रथम किस्त के रूप में 68 लाख 52 हजार रुपये भेजे गए थे। ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय रमेश चंद्र राम की मिलीभगत से 19 और 20 जुलाई को 25 लाख 72 हजार 200 रुपये दो दिन के भीतर उतार लिए गए। धनराशि उतराने का मामला प्रकाश में आते ही जिला पंचायत राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद डीपीआरओ लालजी दूबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच ब्लाक और जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कराई। जांच के दौरान आठ शौचालय का ही निर्माण कराया गया था। वह भी निर्माण आधा-अधूरा ही मिला। इसके साथ ही धनराशि उतराने का मामला भी सही मिलने पर डीपीआरओ ने तत्काल बौरी ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय रमेश चंद्र यादव पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया। प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रभाकर पांडेय ने ग्राम प्रधान चंद्रावती देवी और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय के खिलाफ नोनहरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 406, 409 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। इस संबंध में डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि शौचालय निर्माण का धन प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वितीय ने उतार लिया है। सरकारी धन का गबन करने की जानकारी होने पर जांच कराकर दोनों के खिलाफ नोनहरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के यहां भेज दी गई है। इनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई होना तय है।
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