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कांशीराम आवास: पानी की किल्लत से घरों में नहीं बना भोजन
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गाजीपुर। शहर के बड़ीबाग एवं फाक्सगंज स्थित कांशीराम आवास की बिजली काट दिए जाने का दूसरे दिन गुरुवार को व्यापक असर दिखाई पड़ा। सबसे अधिक परेशानी घरों में पेयजल को लेकर हुई। पानी के अभाव में कई घरों में ठीक से भोजन भी नहीं बना। महिलाएं भोर से ही बाल्टी लेकर हैंडपंपों पर कतार में लगी रही। इन स्थानों पर पर्याप्त हैंडपंप नहीं होने से पहले पानी भरने के लिए नोकझोंक भी होती रही। रात में आवास परिसर अंधेरे में डूबा रहा जिससे वहां रहने वाले लोगों में भय बना रहा। बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज करने की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ा।
बसपा के शासनकाल में शहर के बड़ीबाग में छह सौ और आदर्श गांव में करीब नौ सौ कांशीराम आवासों का निर्माण कराया गया था। जिले भर के गरीब लोगों को यह आवास आवंटित किया गया। रोज कमाई कर खाने वाले इन लोगों पर बुधवार को अचानक उस समय पहाड़ टूट पड़ा जब बिजली विभाग ने बकाए के नाम पर सभी आवासों के कनेक्शन काट दिए। विभाग के मुताबिक आवास के लोग विद्युत बिल का भुगतान नहीं कर रहे थे। बार-बार अल्टीमेटम दिया जा रहा था। इसके बावजूद लोगों ने ध्यान नहीं दिया और बिल भुगतान के प्रति लापरवाह बने रहे। परिणाम यह हुआ कि कांशीराम आवासों के सभी कनेक्शन एक साथ काट दिया गया। इससे दोनों जगह के पंद्रह सौ आवास अंधेरे में डूब गए। विभाग की इस कार्रवाई से आवासों में रहने वाले लोगों में खलबली मची हुई है। पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से स्नान करना तो दूर खाना बनाने और पीने के लिए भी पानी जुटाना बड़ी समस्या हो गई है। निवासियों के मुताबिक आदर्श गांव में आवासों में कुल चार तथा बड़ीबाग में सिर्फ तीन ही हैंडपंप हैं। यह भी कम तथा गंदा पानी ही उगल रहे हैं। बिजली विभाग ने तय कर लिया है कि जब तक बकाया वसूल नहीं लेगा तब तक कनेक्शन नहीं देगा। जबकि इधर आवास के लोगों को यह भी नहीं पता कि किस घर पर कितना बकाया है। बड़ीबाग की पूनम वर्मा का कहना है कि पहली बार इस तरह की कार्रवाई सुनने को मिली है। बिजली के अभाव में ठीक से पानी नहीं मिला जिससे बच्चे स्कूल तो गए ही नहीं घर में खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है। आदर्श गांव की रिंकू देवी ने बताया कि वह एक घंटे में एक बाल्टी पानी घर में ला पा रही है। आवास में हैंडपंप भी दूर लगा है जिस पर काफी भीड़ बनी हुई है।
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बसपा के शासनकाल में शहर के बड़ीबाग में छह सौ और आदर्श गांव में करीब नौ सौ कांशीराम आवासों का निर्माण कराया गया था। जिले भर के गरीब लोगों को यह आवास आवंटित किया गया। रोज कमाई कर खाने वाले इन लोगों पर बुधवार को अचानक उस समय पहाड़ टूट पड़ा जब बिजली विभाग ने बकाए के नाम पर सभी आवासों के कनेक्शन काट दिए। विभाग के मुताबिक आवास के लोग विद्युत बिल का भुगतान नहीं कर रहे थे। बार-बार अल्टीमेटम दिया जा रहा था। इसके बावजूद लोगों ने ध्यान नहीं दिया और बिल भुगतान के प्रति लापरवाह बने रहे। परिणाम यह हुआ कि कांशीराम आवासों के सभी कनेक्शन एक साथ काट दिया गया। इससे दोनों जगह के पंद्रह सौ आवास अंधेरे में डूब गए। विभाग की इस कार्रवाई से आवासों में रहने वाले लोगों में खलबली मची हुई है। पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से स्नान करना तो दूर खाना बनाने और पीने के लिए भी पानी जुटाना बड़ी समस्या हो गई है। निवासियों के मुताबिक आदर्श गांव में आवासों में कुल चार तथा बड़ीबाग में सिर्फ तीन ही हैंडपंप हैं। यह भी कम तथा गंदा पानी ही उगल रहे हैं। बिजली विभाग ने तय कर लिया है कि जब तक बकाया वसूल नहीं लेगा तब तक कनेक्शन नहीं देगा। जबकि इधर आवास के लोगों को यह भी नहीं पता कि किस घर पर कितना बकाया है। बड़ीबाग की पूनम वर्मा का कहना है कि पहली बार इस तरह की कार्रवाई सुनने को मिली है। बिजली के अभाव में ठीक से पानी नहीं मिला जिससे बच्चे स्कूल तो गए ही नहीं घर में खाना बनाना भी मुश्किल हो रहा है। आदर्श गांव की रिंकू देवी ने बताया कि वह एक घंटे में एक बाल्टी पानी घर में ला पा रही है। आवास में हैंडपंप भी दूर लगा है जिस पर काफी भीड़ बनी हुई है।
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