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बारह दिन बाद भी नहीं हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:24 PM IST
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के राजापुर कला गांव निवासी सुभाष यादव की हत्या के मामले में दो नामजद में से एक और दो अज्ञात की अभी तक गिरफ्तारी न होने से परिजनों सहित समर्थकों में नाराजगी है। उनका कहना है पुलिस की निष्क्रियता की वजह से आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।
राजापुर कला गांव निवासी सुभाष यादव (50) को बीते नौ जुलाई की भोर में तीन बजे गोली मार दी गई थी। घायल अवस्था में परिजन मऊ सदर अस्पताल ले गए थे। यहां से चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 10 जुलाई की देर शाम उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी रीता देवी ने अपने ही गांव के प्रकाश यादव, राजेंद्र यादव सहित दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोपी राजेंद्र यादव वर्तमान में राजापुर कला गांव के ग्राम प्रधान है। इस घटना में पुलिस अब तक ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव को ही गिरफ्तार कर जेल भेजने में सफल रही है। अभी मुख्य अभियुक्त प्रकाश यादव सहित दो अज्ञात पुलिस की पकड़ से बाहर है। गिरफ्तारी न होने से परिजनों एवं समर्थकों में पुलिस के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सुभाष यादव एवं ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव ने ग्राम प्रधान का चुनाव पिछली बार एक साथ लड़ा था। इसमें सुभाष यादव मामूली वोटों से चुनाव हार गए थे। लोग हत्या की इस घटना को ग्राम प्रधानी के चुनाव से ही जोड़कर देख रहे हैं। चुनाव के बाद से कई बार दोनों लोग गांव के किसी भी प्रकरण में आमने-सामने होकर एक-दूसरे का विरोध करते रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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राजापुर कला गांव निवासी सुभाष यादव (50) को बीते नौ जुलाई की भोर में तीन बजे गोली मार दी गई थी। घायल अवस्था में परिजन मऊ सदर अस्पताल ले गए थे। यहां से चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया था। एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 10 जुलाई की देर शाम उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी रीता देवी ने अपने ही गांव के प्रकाश यादव, राजेंद्र यादव सहित दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोपी राजेंद्र यादव वर्तमान में राजापुर कला गांव के ग्राम प्रधान है। इस घटना में पुलिस अब तक ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव को ही गिरफ्तार कर जेल भेजने में सफल रही है। अभी मुख्य अभियुक्त प्रकाश यादव सहित दो अज्ञात पुलिस की पकड़ से बाहर है। गिरफ्तारी न होने से परिजनों एवं समर्थकों में पुलिस के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सुभाष यादव एवं ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव ने ग्राम प्रधान का चुनाव पिछली बार एक साथ लड़ा था। इसमें सुभाष यादव मामूली वोटों से चुनाव हार गए थे। लोग हत्या की इस घटना को ग्राम प्रधानी के चुनाव से ही जोड़कर देख रहे हैं। चुनाव के बाद से कई बार दोनों लोग गांव के किसी भी प्रकरण में आमने-सामने होकर एक-दूसरे का विरोध करते रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी महिपाल पाठक ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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