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चिलचिलाती धूप में पारा पहुंचा 44 के पार
Updated Tue, 22 May 2018 11:24 PM IST
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गाजीपुर। मौसम का मिजाज दिनों-दिन गर्म होता जा रहा है। मंगलवार को चिलचिलाती धूप में पारा 44 के पार पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री रहा। इससे इंसानों के साथ ही पशु-पक्षी भी बेहाल रहे। न घर के अंदर चैन था और न ही बाहर। कूलर-पंखा के बीच रहने पर भी शरीर से पसीना टपकता रहा।
धूप और गर्मी के परेशान आवागमन करने वाले, जहां तमाम जगहों पर नल और टोटियों पर गला तर करते नजर आए। कई लोग पेड़ों की छांव में आराम करते रहे। धूप के बीच आवागमन करने वाली महिलाएं और युवतियां शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढके हुई दिखाई दीं। गर्मी से राहत के लिए लोग तरह-तरह का जतन करते रहे। बावजूद उन्हें पूरी तरह से राहत नहीं मिल पा रही थी। आम हो या फिर खास, सभी मौसम की मार से बेचैन रहे। अपने को रिचार्ज करने के लिए लोग थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी का सेवन करते रहे। मौसम की दुहाई देते हुए हर कोई यह कहता रहा कि वाह रे गर्मी। गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया है। इंद्र की मेरहबानी होने पर ही सूर्य के तप से कुछ राहत मिलेगी।
मंगलवार को सूरज का तेवर इस कदर तल्ख रहा कि लोगों लोगों के शरीर के साथ ही जमीन भी पूरी तरह गर्म हो गई। खुले आसमान के नीचे एक पल भी खड़ा रह पाना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। दिन में 12 बजे छावनी लाइन की तरफ से एक युवक धूप के बीच आ रहा था। पीजी कॉलेज के पास नारकोटिक्स विभाग के पास पसीना से तर-बतर युवक अचानक रुक गया और अपना शर्ट उतारकर गुलमोहर के पेड़ की छांव में बैठकर आराम करने लगा।
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धूप और गर्मी के परेशान आवागमन करने वाले, जहां तमाम जगहों पर नल और टोटियों पर गला तर करते नजर आए। कई लोग पेड़ों की छांव में आराम करते रहे। धूप के बीच आवागमन करने वाली महिलाएं और युवतियां शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढके हुई दिखाई दीं। गर्मी से राहत के लिए लोग तरह-तरह का जतन करते रहे। बावजूद उन्हें पूरी तरह से राहत नहीं मिल पा रही थी। आम हो या फिर खास, सभी मौसम की मार से बेचैन रहे। अपने को रिचार्ज करने के लिए लोग थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी का सेवन करते रहे। मौसम की दुहाई देते हुए हर कोई यह कहता रहा कि वाह रे गर्मी। गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया है। इंद्र की मेरहबानी होने पर ही सूर्य के तप से कुछ राहत मिलेगी।
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मंगलवार को सूरज का तेवर इस कदर तल्ख रहा कि लोगों लोगों के शरीर के साथ ही जमीन भी पूरी तरह गर्म हो गई। खुले आसमान के नीचे एक पल भी खड़ा रह पाना लोगों के लिए संभव नहीं हो पा रहा था। दिन में 12 बजे छावनी लाइन की तरफ से एक युवक धूप के बीच आ रहा था। पीजी कॉलेज के पास नारकोटिक्स विभाग के पास पसीना से तर-बतर युवक अचानक रुक गया और अपना शर्ट उतारकर गुलमोहर के पेड़ की छांव में बैठकर आराम करने लगा।
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