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बाढ़ चौकियों और राहत केंद्रों की रिपोर्ट 7 तक प्रस्तुत करें
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:36 PM IST
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बाढ़ चौकियों और राहत केंद्रों की रिपोर्ट सात तक प्रस्तुत करें
अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। बाढ़ से संबंधित स्टीयरिंग कमेटी की बैठक राइफल क्लब के सभागार में शुक्रवार को हुई। इसमें बाढ़ की स्थिति की समीक्षा, बाढ़ के समय क्षतिग्रस्त स्थलों की मरम्मत के लिए मजदूर एवं अन्य व्यवस्था तथा बाढ़ से संबंधित अन्य कार्यों पर चर्चा की गई। अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सात मई तक बाढ़ चौकियों, राहत केंद्रों, छोटी, बड़ी नावों-स्टीमर की उपलब्धता, राहत उपकरण एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं पर आपदा कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने बाढ़ के समय आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पशुओं के चारे का पूर्व में ही टेंडर कराने, संवेदनशील स्थानों पर विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने, डीजल-पेट्रोल को सुरक्षित रखने, बाढ़ से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं बाढ़ क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर की उपलब्धता पर संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को हिदायत दिया कि बाढ़ के बाद फसलों की क्षति का आंकलन एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में वह अपने स्तर से अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ पूर्व में ही बैठक कर लें।
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अमर उजाला ब्यूरो
गाजीपुर। बाढ़ से संबंधित स्टीयरिंग कमेटी की बैठक राइफल क्लब के सभागार में शुक्रवार को हुई। इसमें बाढ़ की स्थिति की समीक्षा, बाढ़ के समय क्षतिग्रस्त स्थलों की मरम्मत के लिए मजदूर एवं अन्य व्यवस्था तथा बाढ़ से संबंधित अन्य कार्यों पर चर्चा की गई। अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सात मई तक बाढ़ चौकियों, राहत केंद्रों, छोटी, बड़ी नावों-स्टीमर की उपलब्धता, राहत उपकरण एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं पर आपदा कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने बाढ़ के समय आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पशुओं के चारे का पूर्व में ही टेंडर कराने, संवेदनशील स्थानों पर विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने, डीजल-पेट्रोल को सुरक्षित रखने, बाढ़ से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं बाढ़ क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर की उपलब्धता पर संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को हिदायत दिया कि बाढ़ के बाद फसलों की क्षति का आंकलन एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में वह अपने स्तर से अपने अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ पूर्व में ही बैठक कर लें।
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