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जिले के 24 निजी अस्पताल संचालकों को नोटिस
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:15 PM IST
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गाजीपुर। जिले के 24 निजी अस्पताल संचालकों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर दो दिनों के अंदर बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का प्रमाण नहीं बनवाया जाता है तो पंजीयन रद्द कर दिया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
शासन के कड़े रुख को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी निजी अस्पतालों को बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का प्रमाण पत्र बनवाने का निर्देश जारी किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 80 निजी अस्पताल संचालकों ने विभाग की ओर से दी गई निर्धारित अवधि के अंदर बायो मेडिकल वेस्ट प्रमाण पत्र बनवाकर जमाकर दिया। समय अवधि समाप्त होने के करीब एक सप्ताह बाद भी 24 निजी अस्पतालों के द्वारा प्रमाण पत्र नहीं जमा किया गया। इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नोटिस जारी करने के साथ चेतावनी दी गई है कि अगर दो दिनों के अंदर प्रमाण पत्र बनवाकर जमा नहीं किया गया तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। हैरानी की बात तो यह है कि 24 निजी अस्पतालों में सबसे अधिक 22 निजी अस्पताल शहरी क्षेत्र के हैं। शेष दो ग्रामीण क्षेत्रों के है। इस संबंध में एसीएमओ नोडल अधिकारी डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण प्रमाण के बिना किसी भी निजी अस्पताल का संचालन नहीं हो सकता है। जिन अस्पताल संचालकों ने अभी तक इसका प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है उनको दो दिनों का समय दिया गया है। समय अवधि समाप्त होने के बाद प्रमाण पत्र नहीं बनवाने वाले अस्पतालों का पंजीयन रद्द कर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन के कड़े रुख को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी निजी अस्पतालों को बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण का प्रमाण पत्र बनवाने का निर्देश जारी किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 80 निजी अस्पताल संचालकों ने विभाग की ओर से दी गई निर्धारित अवधि के अंदर बायो मेडिकल वेस्ट प्रमाण पत्र बनवाकर जमाकर दिया। समय अवधि समाप्त होने के करीब एक सप्ताह बाद भी 24 निजी अस्पतालों के द्वारा प्रमाण पत्र नहीं जमा किया गया। इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नोटिस जारी करने के साथ चेतावनी दी गई है कि अगर दो दिनों के अंदर प्रमाण पत्र बनवाकर जमा नहीं किया गया तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। हैरानी की बात तो यह है कि 24 निजी अस्पतालों में सबसे अधिक 22 निजी अस्पताल शहरी क्षेत्र के हैं। शेष दो ग्रामीण क्षेत्रों के है। इस संबंध में एसीएमओ नोडल अधिकारी डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण प्रमाण के बिना किसी भी निजी अस्पताल का संचालन नहीं हो सकता है। जिन अस्पताल संचालकों ने अभी तक इसका प्रमाण पत्र नहीं बनवाया है उनको दो दिनों का समय दिया गया है। समय अवधि समाप्त होने के बाद प्रमाण पत्र नहीं बनवाने वाले अस्पतालों का पंजीयन रद्द कर कार्रवाई की जाएगी।
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