गाजीपुर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कैंसर और प्लास्टिक एनीमिया के मरीजों को जिले के 450 महादानी रक्तदान देकर नया जीवन प्रदान कर रहे हैं। जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड बैंक में ऐसे 45 मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें प्रत्येक माह ब्लड की आवश्यकता पड़ती है। रक्तदान शिविर न लगने से जिला अस्पताल में बीते चार अप्रैल से ब्लड बैंक में खून की कमी आ गई है। स्थिति यह है कि वर्तमान समय में मात्र आठ यूनिट ही रक्त सुरक्षित है। एक तरफ जहां महामारी की दूसरी लहर ने जिले को अपनी चपेट में लेने के साथ संक्रमितों का आंकड़ा ऐसा बढ़ाया कि अन्य स्वास्थ्य सेवाएं ठप करनी पड़ी। ऐसे में गंभीर बीमारी से पीड़ित जैसे थैलेसीमिया, कैंसर एवं प्लास्टिक एनीमिया जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे मरीजों को रक्त बार-बार बदलना पड़ता है। ऐसे में इन मरीजों को बचाने के लिए ब्लड बैंक में तैनात कर्मियों द्वारा पंजीकृत रक्तदाताओं से फोन द्वारा संपर्क करके उनसे सहायता मांगी जाती है और इनके द्वारा ऐसे मरीजों को ब्लड डोनेट करने का काम किया जाता है, जिससे उनकी जान बच सके। ब्लड बैंक में तैनात वीवीडी सहायक साकेत सिंह ने बताया कि संक्रमण काल के दौरान आठ यूनिट ब्लड ही बैंक में सुरक्षित है। इसमें एबी पॉजिटिव दो यूनिट, ओ निगेटिव एक यूनिट, बी पॉजिटिव पांच, ए पॉजिटिव एक यूनिट ब्लड मौजूद है। प्लास्टिक एनीमिया और कैंसर के 45 मरीजों को अप्रैल माह में पंजीकृत रक्तदाताओं ने ब्लड देकर जान बचाई। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के लिए लोग आगे आएं, जिससे इस संक्रमण काल में ऐसे गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूरतमंदों को ब्लड उपलब्ध कराकर जान बचाई जा सके। स्वैच्छिक रक्तदान के लिए वे इस नंबर 8756889527 पर संपर्क भी कर सकते हैं।