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शक्ति के बगैर पूरा नहीं होगा कोई काम.
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गाजीपुर। नवरात्र में प्रकृति उर्जा से ओत प्रोत रहती है। पहले दिन से ही हमारा नया संवत शुरू होता है। इस समय प्रकृति सिर्फ देने का काम करती है। खेतों में अनाज, पेड़ों पर फल आते हैं तो नए मौसम का भी प्रारंभ होता है। दुर्गा शक्ति का रुप होती है और मां की अराधना के बगैर किसी भी काम में सफलता नहीं मिल सकती।
हरिहरपुर स्थित काली मंदिर में भक्तों को संबोधित करते हुए हथियाराम सिद्धपीठ के महंथ भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि साल के शुरुआती नौ दिन मां की अराधना करने से व्यक्ति छह माह तक पूरी तरह से शक्तिवान और उर्जावान बना रहता है। पहले के ऋषि, महर्षियों ने जो ज्ञान हमें दिया उसे भूलते जा रहे है। अगर उस पर अमल करें तो आज हमें कोई शक्ति पीछे नही कर सकती है। कहा कि आंतकवाद का खात्मा भी अध्यात्म से ही हो सकता है। कहा कि लक्ष्मण जी ने एक मंत्र पढ़ कर एक रेखा खींच दिया जिसे रावण जैसा महान ज्ञानी भी पार नहीं कर सका। अगर आज भी हम उस ज्ञान को जान लें तो कोई भी हमारा बाल बांका नहीं कर सकता। बाहुबली मैदान से एक बार भाग सकता है लेकिन आत्मबली कभी नही भागता।
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हरिहरपुर स्थित काली मंदिर में भक्तों को संबोधित करते हुए हथियाराम सिद्धपीठ के महंथ भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि साल के शुरुआती नौ दिन मां की अराधना करने से व्यक्ति छह माह तक पूरी तरह से शक्तिवान और उर्जावान बना रहता है। पहले के ऋषि, महर्षियों ने जो ज्ञान हमें दिया उसे भूलते जा रहे है। अगर उस पर अमल करें तो आज हमें कोई शक्ति पीछे नही कर सकती है। कहा कि आंतकवाद का खात्मा भी अध्यात्म से ही हो सकता है। कहा कि लक्ष्मण जी ने एक मंत्र पढ़ कर एक रेखा खींच दिया जिसे रावण जैसा महान ज्ञानी भी पार नहीं कर सका। अगर आज भी हम उस ज्ञान को जान लें तो कोई भी हमारा बाल बांका नहीं कर सकता। बाहुबली मैदान से एक बार भाग सकता है लेकिन आत्मबली कभी नही भागता।
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