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स्टेशन रोड पर खुला है नाला, लोगों के लिए खतरा
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गाजीपुर। नगर की अधिकांश नाला-नालियों पर पटियां लगवाकर ढकवा दिया है। लेकिन अब भी कई स्थानों पर नाला-नालियों को ढका नहीं जा सका है। इन दिनों नगर पालिका का ध्यान स्टेशन रोड पर स्थित नाला-नालियों पर है। वर्तमान में जगह-जगह नाला और नालियां खुले में हैं। मार्ग पर जो नाला-नाली ढके गए हैं, उसे खुद लोगों ने अपना पटिया लगवा कर ढक दिया है। खुला नाला-नाली जहां कूड़े-कचरे से पट रही हैं, वहीं आए दिन लोग उसमें गिरकर घायल हो रहे हैं।
नगरपालिका द्वारा नगर के विभिन्न मार्गों पर पटरी का इंटरलाकिंग का कार्य के साथ ही नाली का निर्माण कराया गया है। नालियों में कूड़ा-कचरा न जाए या कोई गिरकर घायल न हो, इस आशंका के मद्देनजर नाला-नालियों की ढलाई कराकर सीमेंट की पटिया से ढकवाया गया है, लेकिन नगरपालिका का ध्यान सिटी रेलवे स्टेशन मार्ग पर शायद नहीं है। यही कारण है कि इस मार्ग पर वर्षों पहले नगरपालिका की तरफ से पानी निकासी के लिए नाला और नालियों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन आज तक उन्हें ढकने की व्यवस्था नहीं की गई। इससे नालियां कूड़ा-कचरा से पटकर जाम हो रही है। आम दिनों में तो पानी निकासी में कोई खास दिक्कत नहीं आती है, लेकिन तेज बारिश होने पर सड़क पूरी तरह से झील के रूप में तब्दील हो जाती है। नाला-नालियों के जाम होने से घंटो मार्ग पर पानी लगा रहता है। इससे आवागमन करने वालों को खूब फजीहत होती हैै। दिन के उजाले में तो खुला नाला और नाली लोगों को दिख जा रहा है और बच-बचाकर निकल जा रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में खासकर अंजान लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। यदि समय रहते नाला और नालियों को ढकवाने की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
यह बात मेरे संज्ञान में नहीं थी कि स्टेशन रोड पर नाला-नाली खुदा है। यदि ऐसा है तो जल्द से जल्द उसे ढ़कवाने का कार्य किया जाएगा।
उमेश चंद्र
अधिशासी अधिकारी
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नगरपालिका द्वारा नगर के विभिन्न मार्गों पर पटरी का इंटरलाकिंग का कार्य के साथ ही नाली का निर्माण कराया गया है। नालियों में कूड़ा-कचरा न जाए या कोई गिरकर घायल न हो, इस आशंका के मद्देनजर नाला-नालियों की ढलाई कराकर सीमेंट की पटिया से ढकवाया गया है, लेकिन नगरपालिका का ध्यान सिटी रेलवे स्टेशन मार्ग पर शायद नहीं है। यही कारण है कि इस मार्ग पर वर्षों पहले नगरपालिका की तरफ से पानी निकासी के लिए नाला और नालियों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन आज तक उन्हें ढकने की व्यवस्था नहीं की गई। इससे नालियां कूड़ा-कचरा से पटकर जाम हो रही है। आम दिनों में तो पानी निकासी में कोई खास दिक्कत नहीं आती है, लेकिन तेज बारिश होने पर सड़क पूरी तरह से झील के रूप में तब्दील हो जाती है। नाला-नालियों के जाम होने से घंटो मार्ग पर पानी लगा रहता है। इससे आवागमन करने वालों को खूब फजीहत होती हैै। दिन के उजाले में तो खुला नाला और नाली लोगों को दिख जा रहा है और बच-बचाकर निकल जा रहे हैं, लेकिन रात के अंधेरे में खासकर अंजान लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। यदि समय रहते नाला और नालियों को ढकवाने की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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यह बात मेरे संज्ञान में नहीं थी कि स्टेशन रोड पर नाला-नाली खुदा है। यदि ऐसा है तो जल्द से जल्द उसे ढ़कवाने का कार्य किया जाएगा।
उमेश चंद्र
अधिशासी अधिकारी