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मिलावटी बेसन, दूध, खोवा को खपाने का खेल शुरू
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:57 PM IST
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गाजीपुर। दीपावली का पर्व करीब आते ही बाजारों में मिलावटी बेसन, दूध, खोवा को खपाने का खेल चल रहा है। त्योहार में मिठाई की मांग भी कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन अब तक खाद्य प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। छापेमारी के लिए टीमें तक नहीं बनाई गई हैं। आलम यह है कि जब मिलावटी मिठाईयां लोगों के घरों में पहुंच जाएंगी, तब अभियान चलना शुरू होगा। दीपावली में सबसे अधिक खपत लड्डू की होती है। इसके लिए बेसन की अधिक जरूरत पड़ती है। हर घर में अन्य कीमती मिठाई के साथ लड्डू का भोग गणेश-लक्ष्मी को जरूर लगता है। लेकिन ग्राहक असली और नकली में फर्क ही नहीं समझता। जबकि दुकानदार असली होने का दावा करते हैं।
पर्व करीब आते ही बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री शुरू हो गई है। दूध में रिफाइंड, तो मावा में मिल्क पाउडर का प्रयोग हो रहा है। कुछ दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में घटिया घी और तेल की बिक्री कर रहे हैं। दिवाली का त्योहार करीब है, इसलिए गांव से लेकर शहर तक खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा जोरों से शुरू हो गया है। वैसे तो हर मौसम में यह धंधा चलता रहता है, मगर होली, दीवाली, रक्षा बंधन जैसे त्योहारों पर यह कारोबार जोर पकड़ लेता है। मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने को खाद्य विभाग की कार्रवाई भी सुस्त है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं। कई जगह दुकानों पर ग्राहकों ने मिलावट की शिकायत की, लेकिन उसका खास असर नहीं देखने को मिला।
230 सेंपल लिए, 49 मुकदमे दर्ज
गाजीपुर। ऐसे खाद्य विभाग के अभिहित अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 2017 में कुल 128 मिलावटखोरों के विरुद्ध मुकदमा किया गया था। जिसमें से सात दुकानदारों से 80 हजार जुर्माना भी वसूल किया गया। इस साल अब तक 49 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जबकि 230 दुकानों से सेंपल लेने के बाद जांच के लिए भेजा गया है। कार्रवाई लगातार चल रही है। इन दिनों सबसे अधिक दाल में खेसारी की मिलावट पाई गई है। जनपद में कई कुंतल खेसारी बरामद किया गया है। दूसरा सबसे अधिक मिलावट दूध में पाई जा रही है। खोआ, बेसन, घी, पनीर, मावा आदि की लगातार जांच चल रही है। दीपावली से पहले टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। श्री सिंह ने बताया कि फलों और सब्जियों की भी जांच की जा रही है।
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मिलावटी पदार्थो के खाने से होता है किडनी खराब
गाजीपुर। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके सिन्हा ने बताया कि मिलावटी पदार्थों के खाने से किडनी के खराब होने के साथ ही कैंसर तक की बीमारी शरीर में होती है। फल, सब्जी, मिठाई और खाद्य पदार्थों के खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ाता है। यह नाना प्रकार की बीमारियों को जन्म देता है।
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पर्व करीब आते ही बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री शुरू हो गई है। दूध में रिफाइंड, तो मावा में मिल्क पाउडर का प्रयोग हो रहा है। कुछ दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में घटिया घी और तेल की बिक्री कर रहे हैं। दिवाली का त्योहार करीब है, इसलिए गांव से लेकर शहर तक खाद्य पदार्थों में मिलावट का धंधा जोरों से शुरू हो गया है। वैसे तो हर मौसम में यह धंधा चलता रहता है, मगर होली, दीवाली, रक्षा बंधन जैसे त्योहारों पर यह कारोबार जोर पकड़ लेता है। मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने को खाद्य विभाग की कार्रवाई भी सुस्त है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं। कई जगह दुकानों पर ग्राहकों ने मिलावट की शिकायत की, लेकिन उसका खास असर नहीं देखने को मिला।
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230 सेंपल लिए, 49 मुकदमे दर्ज
गाजीपुर। ऐसे खाद्य विभाग के अभिहित अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 2017 में कुल 128 मिलावटखोरों के विरुद्ध मुकदमा किया गया था। जिसमें से सात दुकानदारों से 80 हजार जुर्माना भी वसूल किया गया। इस साल अब तक 49 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जबकि 230 दुकानों से सेंपल लेने के बाद जांच के लिए भेजा गया है। कार्रवाई लगातार चल रही है। इन दिनों सबसे अधिक दाल में खेसारी की मिलावट पाई गई है। जनपद में कई कुंतल खेसारी बरामद किया गया है। दूसरा सबसे अधिक मिलावट दूध में पाई जा रही है। खोआ, बेसन, घी, पनीर, मावा आदि की लगातार जांच चल रही है। दीपावली से पहले टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। श्री सिंह ने बताया कि फलों और सब्जियों की भी जांच की जा रही है।
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मिलावटी पदार्थो के खाने से होता है किडनी खराब
गाजीपुर। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरके सिन्हा ने बताया कि मिलावटी पदार्थों के खाने से किडनी के खराब होने के साथ ही कैंसर तक की बीमारी शरीर में होती है। फल, सब्जी, मिठाई और खाद्य पदार्थों के खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ाता है। यह नाना प्रकार की बीमारियों को जन्म देता है।