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वीरान हुआ पुराना जिला अस्पताल का परिसर
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:16 PM IST
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गाजीपुर
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गाजीपुर। शहर के दर्जनों मुहल्ले के लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने वाला अस्पताल अब वीरान हो गया है। इसके आसपास रहने वाली शहर की आधे से अधिक आबादी को अब चिकित्सा सुविधा लेने के लिए करीब तीन किमी की दूरी तय कर गोराबाजार स्थित नए अस्पताल जाना पड़ रहा है। नए अस्पताल में रात के समय निजी मेडिकल स्टोरों की कमीशन वाली दवाइयां झोले में बेची जा रही है।
शहर की करीब आधे से अधिक आबादी पुराने अस्पताल के आसपास बसी हुई है। पुराने अस्पताल का स्थानांतरण गोराबाजार स्थित नए जिला अस्पताल के भवन में हो चुका है। ऐसे में दर्जनों से ऊपर शहर के मुहल्ले के लोगों को अब इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पुराने अस्पताल के स्थानातंरण से उसकी आपात कालीन सेवाएं बंद होने के कारण रात के समय गंभीर रुप से पीड़ित मरीज को शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नए अस्पताल में रात के समय पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिल पाता है। गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के परिजनों की साधन तलाशने और जिला अस्पताल तक पहुंचने में फजीहत हो जा रही है। नए अस्पताल में सुरक्षा का इंतजाम भी अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। नए जिला अस्पताल परिसर में रात के समय कमीशन वाली दवाइयां निजी मेडिकल स्टोरों द्वारा बाहरी लोगों के माध्यम से झोले में बिक्री कराई जा रही है। वीरान हो गए इस पुराने जिला अस्पताल से इन दिनों स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नए अस्पताल में सामान ले जाने का कार्य किया जा रहा है।
पुराने अस्पताल में जल्द ही लालदरवाजा स्थित केयर यूनिट का स्थानांतरण करके आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल नए जिला अस्पताल की सुरक्षा संबंधित कमियों को दूर करने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। - डॉ. जीसी मौर्या, सीएमओ
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शहर की करीब आधे से अधिक आबादी पुराने अस्पताल के आसपास बसी हुई है। पुराने अस्पताल का स्थानांतरण गोराबाजार स्थित नए जिला अस्पताल के भवन में हो चुका है। ऐसे में दर्जनों से ऊपर शहर के मुहल्ले के लोगों को अब इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पुराने अस्पताल के स्थानातंरण से उसकी आपात कालीन सेवाएं बंद होने के कारण रात के समय गंभीर रुप से पीड़ित मरीज को शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नए अस्पताल में रात के समय पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिल पाता है। गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों के परिजनों की साधन तलाशने और जिला अस्पताल तक पहुंचने में फजीहत हो जा रही है। नए अस्पताल में सुरक्षा का इंतजाम भी अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। नए जिला अस्पताल परिसर में रात के समय कमीशन वाली दवाइयां निजी मेडिकल स्टोरों द्वारा बाहरी लोगों के माध्यम से झोले में बिक्री कराई जा रही है। वीरान हो गए इस पुराने जिला अस्पताल से इन दिनों स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा नए अस्पताल में सामान ले जाने का कार्य किया जा रहा है।
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पुराने अस्पताल में जल्द ही लालदरवाजा स्थित केयर यूनिट का स्थानांतरण करके आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल नए जिला अस्पताल की सुरक्षा संबंधित कमियों को दूर करने के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। - डॉ. जीसी मौर्या, सीएमओ
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