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4 दिन खेल, हर बच्चे को करना होगा एक से मेल
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गर्मियों की छुट्टियों के बाद जुलाई महीने से ही परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों को खेल से जोड़ दिया गया है। सप्ताह में चार दिन स्कूलों में खेल प्रतियोगिता होगी और दो दिन स्काउट की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। खेल सामग्री के लिए प्राइमरी स्कूलों को पांच हजार एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को 10 हजार पहले ही दिए जा चुके हैं। इसलिए विद्यालयों में क्रय की गई खेल सामग्रियों का उपयोग अब खेल प्रतियोगिताओं में भी करना होगा।
कोरोना के चलते परिषदीय विद्यालयों में दो वर्ष से खेलकूद प्रतियोगिताएं बंद चल रही थीं। दो वर्षों बाद जिले के 2269 परिषदीय स्कूलों में खेलकूद प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी। जिलों को खेल सामग्री खरीदने के लिए प्रति प्राथमिक विद्यालय पांच हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालय को 10 हजार की धनराशि दी जा चुकी है। प्रतियोगिताएं जुलाई से नवंबर माह तक चलेगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विद्यालय से न्याय पंचायत स्तर तक की खेलकूद प्रतियोगिताएं एक अगस्त तक पूरी हो जाएंगी। जबकि सितंबर माह के पहले सप्ताह तक ब्लाक स्तर पर, अक्तूबर माह के पहले सप्ताह तक जिला स्तर पर, नवंबर के प्रथम सप्ताह तक मंडल स्तर पर और 30 नवंबर तक राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में मंडलीय खेल में सफल प्रतिभागी शामिल किए जाएंगे। ऐसे में इन दिनों स्कूलों में आवश्यक औपचारिकताओं के अलावा केवल खेलने पर ही ध्यान दिया जाएगा। खेलकूद और स्काउट के आयोजन में प्रधानाध्यापकों की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल का हर बच्चा किसी न किसी खेल से अवश्य जुड़े।
कोट
स्कूलों में खेल गतिविधियों के आयोजन पर विशेष जोर दिया जाएगा। पढ़ाई के साथ ही खेलकूद भी जरूरी है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए तय समय में ही कार्यक्रम होंगे- हेमंत राव, बीएसए
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टीम बनाने के लिए होगा ट्रायल
गाजीपुर। परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत छात्रों को किसी न किसी खेल में शामिल किया जाना है। अभ्यास होने पर ऐसे छात्रों को चयनित किया जाएगा जो खेलों में रुचि रखता हो। ऐसे बच्चों का चयन ट्रायल कराकर टीम बनाई जाएगी जो छात्र जिस खेल में अव्वल होगा। उसे उस टीम में शामिल कर अभ्यास कराया जाएगा। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि स्कूल स्तर की टीम को इस तरह तैयार करना होगा कि वह राज्य स्तर तक पहुंच जाए। हर स्तर पर ट्रायल का आयोजन कर अच्छे खिलाड़ियों की टीम बनाई जाएगी। अलग-अलग ब्लॉकों और जिलों के प्रतिभाशाली बच्चों की टीम ही आगे जाएगी।
यह खेल होंगे शामिल
मौधा। विद्यालय स्तर से प्रदेश स्तर तक खेले जाने वाले खेलों में एथलेटिक्स, कुश्ती, वालीबाल, खो-खो, टेनिस, जिमनास्टिक, व्यायाम एवं विशेष प्रदर्शन शामिल किए गए हैं। इसके अलावा योग, जूडो, बास्केटबाल, तैराकी, फुटबाल, क्रिकेट, कबड्डी, हाकी, हैंडबाल और बैडमिंटन आदि खेलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान विद्यालयों में लोकगीत, लोकनृत्य और राष्ट्रीय एकांकी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। इसमें भी प्रत्येक जिला-मंडल स्तर पर प्रथम विजेता का चयन किया जाएगा। यही विजेता टीम राज्य स्तर की रैली में अपना प्रदर्शन करेगी।
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कोरोना के चलते परिषदीय विद्यालयों में दो वर्ष से खेलकूद प्रतियोगिताएं बंद चल रही थीं। दो वर्षों बाद जिले के 2269 परिषदीय स्कूलों में खेलकूद प्रतियोगिताएं फिर से शुरू होंगी। जिलों को खेल सामग्री खरीदने के लिए प्रति प्राथमिक विद्यालय पांच हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालय को 10 हजार की धनराशि दी जा चुकी है। प्रतियोगिताएं जुलाई से नवंबर माह तक चलेगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो विद्यालय से न्याय पंचायत स्तर तक की खेलकूद प्रतियोगिताएं एक अगस्त तक पूरी हो जाएंगी। जबकि सितंबर माह के पहले सप्ताह तक ब्लाक स्तर पर, अक्तूबर माह के पहले सप्ताह तक जिला स्तर पर, नवंबर के प्रथम सप्ताह तक मंडल स्तर पर और 30 नवंबर तक राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में मंडलीय खेल में सफल प्रतिभागी शामिल किए जाएंगे। ऐसे में इन दिनों स्कूलों में आवश्यक औपचारिकताओं के अलावा केवल खेलने पर ही ध्यान दिया जाएगा। खेलकूद और स्काउट के आयोजन में प्रधानाध्यापकों की यह जिम्मेदारी होगी कि स्कूल का हर बच्चा किसी न किसी खेल से अवश्य जुड़े।
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कोट
स्कूलों में खेल गतिविधियों के आयोजन पर विशेष जोर दिया जाएगा। पढ़ाई के साथ ही खेलकूद भी जरूरी है। खेल प्रतियोगिताओं के लिए तय समय में ही कार्यक्रम होंगे- हेमंत राव, बीएसए
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टीम बनाने के लिए होगा ट्रायल
गाजीपुर। परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत छात्रों को किसी न किसी खेल में शामिल किया जाना है। अभ्यास होने पर ऐसे छात्रों को चयनित किया जाएगा जो खेलों में रुचि रखता हो। ऐसे बच्चों का चयन ट्रायल कराकर टीम बनाई जाएगी जो छात्र जिस खेल में अव्वल होगा। उसे उस टीम में शामिल कर अभ्यास कराया जाएगा। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि स्कूल स्तर की टीम को इस तरह तैयार करना होगा कि वह राज्य स्तर तक पहुंच जाए। हर स्तर पर ट्रायल का आयोजन कर अच्छे खिलाड़ियों की टीम बनाई जाएगी। अलग-अलग ब्लॉकों और जिलों के प्रतिभाशाली बच्चों की टीम ही आगे जाएगी।
यह खेल होंगे शामिल
मौधा। विद्यालय स्तर से प्रदेश स्तर तक खेले जाने वाले खेलों में एथलेटिक्स, कुश्ती, वालीबाल, खो-खो, टेनिस, जिमनास्टिक, व्यायाम एवं विशेष प्रदर्शन शामिल किए गए हैं। इसके अलावा योग, जूडो, बास्केटबाल, तैराकी, फुटबाल, क्रिकेट, कबड्डी, हाकी, हैंडबाल और बैडमिंटन आदि खेलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान विद्यालयों में लोकगीत, लोकनृत्य और राष्ट्रीय एकांकी जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। इसमें भी प्रत्येक जिला-मंडल स्तर पर प्रथम विजेता का चयन किया जाएगा। यही विजेता टीम राज्य स्तर की रैली में अपना प्रदर्शन करेगी।