{"_id":"619d25d92187557aa53afd90","slug":"381-panchayat-buildings-incomplete-in-the-district-how-will-it-be-completed-by-december-ghazipur-news-vns6241632102","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 381 पंचायत भवन अधूरे, दिसंबर तक कैसे होंगे पूरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 381 पंचायत भवन अधूरे, दिसंबर तक कैसे होंगे पूरे
विज्ञापन
सैदपुर के नार्मल स्कूल परिसर में बन रहा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का गर्ल्स हास्टल।
- फोटो : GHAZIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने गांवों में चल रहे पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों को दिसंबर तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी जिले में 381 पंचायत भवन निर्माणाधीन हैं। निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है जिससे दिसंबर में पंचायत भवनों का निर्माण पूरा कर पाना चुनौती साबित होगा।
सरकार ने ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण कराने के लिए वर्ष 2018-19 में 127 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की थी। जिले के सोलह विकास खंडों में स्थित कुल 1238 ग्राम पंचायतों में 797 पंचायतें ऐसी हैं जहां खुद का अपन भवन नहीं था। ऐसे ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। पंचायत भवनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। दो कमरे, हाल, बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, बरामदा आदि वाले भवन की लागत करीब चौदह लाख पचास हजार है जबकि चार कमरे वाले सोलह लाख पचास हजार और आठ कमरे वाले पंचायत भवन की लागत उन्नीस लाख 99 हजार है। विभिन्न विकास खंडों में अब तक महज 416 पंचायत भवनों का ही निर्माण पूरा हो सका है। जबकि शेष 381 पंचायत भवन अभी निर्माणाधीन हैं। ग्रामीणों की मानें तो अभी कई ऐसी पंचायतें हैं जहां जमीन का चयन तक नहीं हो सका है। इनका निर्माण पूरा करने के लिए कई बार समय निर्धारित किया गया लेकिन विभाग की तरफ से रुचि न लिए जाने के कारण अभी तक उनका निर्माण पूरा नहीं हो सका। ऐसे में एक बार फिर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अब जबकि निर्धारित अवधि समाप्त होने में करीब सवा महीने का समय बाकी है। ऐसे में शेष पंचायत भवनों का निर्माण पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
पंचायत भवनों में होगी इनकी तैनाती
ग्राम सचिवालयों में ग्राम पंचायत सचिव, स्थानीय लेखपाल, कंप्यूटर ऑपरेटर, बैंक सखी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े स्वच्छतागृही आदि की तैनाती होगी। ऐसे में पंचायत भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित लोग वहां बैठेंगे जिससे गांव स्तर के कार्यों के लिए ग्रामीणों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
पंचायत भवनों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसको लेकर समीक्षा बैठक समय-समय पर हो रही है। विभाग इसको लेकर काफी गंभीर है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि तय की गई है।- कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
सरकार ने ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण कराने के लिए वर्ष 2018-19 में 127 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की थी। जिले के सोलह विकास खंडों में स्थित कुल 1238 ग्राम पंचायतों में 797 पंचायतें ऐसी हैं जहां खुद का अपन भवन नहीं था। ऐसे ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। पंचायत भवनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। दो कमरे, हाल, बाउंड्रीवाल, शौचालय, पेयजल, बरामदा आदि वाले भवन की लागत करीब चौदह लाख पचास हजार है जबकि चार कमरे वाले सोलह लाख पचास हजार और आठ कमरे वाले पंचायत भवन की लागत उन्नीस लाख 99 हजार है। विभिन्न विकास खंडों में अब तक महज 416 पंचायत भवनों का ही निर्माण पूरा हो सका है। जबकि शेष 381 पंचायत भवन अभी निर्माणाधीन हैं। ग्रामीणों की मानें तो अभी कई ऐसी पंचायतें हैं जहां जमीन का चयन तक नहीं हो सका है। इनका निर्माण पूरा करने के लिए कई बार समय निर्धारित किया गया लेकिन विभाग की तरफ से रुचि न लिए जाने के कारण अभी तक उनका निर्माण पूरा नहीं हो सका। ऐसे में एक बार फिर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। अब जबकि निर्धारित अवधि समाप्त होने में करीब सवा महीने का समय बाकी है। ऐसे में शेष पंचायत भवनों का निर्माण पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
विज्ञापन
पंचायत भवनों में होगी इनकी तैनाती
ग्राम सचिवालयों में ग्राम पंचायत सचिव, स्थानीय लेखपाल, कंप्यूटर ऑपरेटर, बैंक सखी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े स्वच्छतागृही आदि की तैनाती होगी। ऐसे में पंचायत भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित लोग वहां बैठेंगे जिससे गांव स्तर के कार्यों के लिए ग्रामीणों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
पंचायत भवनों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसको लेकर समीक्षा बैठक समय-समय पर हो रही है। विभाग इसको लेकर काफी गंभीर है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि तय की गई है।- कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी