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Ghazipur News: सावन में शिवभक्तों की परीक्षा लेगी 35 किमी कंकड़-पत्थर से भरी राह
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गाजीपुर। सावन की पहली सोमवारी 14 जुलाई को है। भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियां 13 जुलाई को शहर के ददरी घाट से गंगा जल लेकर महाहर धाम तक की 35 किमी यात्रा पैदल करेंगे। मगर, इस बार सड़क के गड्ढे और उखड़ी गिटि्टयां शिवभक्तों की परीक्षा लेंगी। अब तक ददरी घाट पर स्नान को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं हो सका है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से सीढि़यां डूब चुकी हैं। इस रास्ते करीब 40 हजार कांवड़ियां जलाभिषेक के लिए जाते हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से नगर के प्रमुख ददरी घाट की अधिकतर सीढि़यां डूब चुकी हैं। ऐसे में रात में गंगा स्नान कांवड़ियों के लिए मुश्किलों भरा हो जाएगा। जल लेकर रवाना होने के बाद उन्हें जगह-जगह गड्ढेयुक्त और कंकड़ से भरे जैसे रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा। ददरीघाट से चित्रगुप्त चौहारे के बीच में सड़क नाले के पास धंसी हुई है। वहां नाले का ढक्कन भी जगह-जगह टूटा है। इसके बाद मिश्रबाजार में गड्ढे में भरे गए कंकड़ शिवभक्तों के पैर में चुभेंगे। इसके बाद बरही से महाहर धाम तक करीब तीन किमी की दूरी भी तय करना आसान नहीं हो गया। वजह गाेविंदपुर मठिया चट्टी के पास मार्ग की गिट्टी और कंकड़ परेशान करेगा। मलिकनाथपुर गांव के पास सामने बने गड्ढे में गिरकर घायल होने की आशंका बढ़ गई है। बरही से महाहर धाम जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह बह रहा घरों का गंदा पानी कांवड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनेगा।
शहर के ददरी घाट से कांवड़ियां गंगा जल लेकर महाहर धाम की 35 किमी की यात्रा पैदल करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने बायीं लेन बंद करने के साथ रूट डायर्वजन किया है। बावजूद इसके इस फोरलेन मार्ग पर ही करीब एक दर्जन अवैध कट को बंद नहीं किया गया है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
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गाजीपुर। बरही चट्टी से महाहर धाम की दूरी तीन किलोमीटर है। इस मार्ग पर जगह-जगह अवैध ब्रेकर बने हुए हैं। देखा जाए तो करीब 14 अवैध ब्रेकर इस मार्ग पर हैं। इनकी ऊंचाई इतनी अधिक है कि रात के समय थोड़ी सी लापरवाही कांवड़ियों को मुश्किल में डाल सकती है। फोरलेन के बरही तक करीब 32 किमी के बाद तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में कांवड़ियों को काफी समय लग जाएगा।
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गंगा के बढ़ते जलस्तर से नगर के प्रमुख ददरी घाट की अधिकतर सीढि़यां डूब चुकी हैं। ऐसे में रात में गंगा स्नान कांवड़ियों के लिए मुश्किलों भरा हो जाएगा। जल लेकर रवाना होने के बाद उन्हें जगह-जगह गड्ढेयुक्त और कंकड़ से भरे जैसे रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा। ददरीघाट से चित्रगुप्त चौहारे के बीच में सड़क नाले के पास धंसी हुई है। वहां नाले का ढक्कन भी जगह-जगह टूटा है। इसके बाद मिश्रबाजार में गड्ढे में भरे गए कंकड़ शिवभक्तों के पैर में चुभेंगे। इसके बाद बरही से महाहर धाम तक करीब तीन किमी की दूरी भी तय करना आसान नहीं हो गया। वजह गाेविंदपुर मठिया चट्टी के पास मार्ग की गिट्टी और कंकड़ परेशान करेगा। मलिकनाथपुर गांव के पास सामने बने गड्ढे में गिरकर घायल होने की आशंका बढ़ गई है। बरही से महाहर धाम जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह बह रहा घरों का गंदा पानी कांवड़ियों के लिए परेशानी का सबब बनेगा।
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शहर के ददरी घाट से कांवड़ियां गंगा जल लेकर महाहर धाम की 35 किमी की यात्रा पैदल करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने बायीं लेन बंद करने के साथ रूट डायर्वजन किया है। बावजूद इसके इस फोरलेन मार्ग पर ही करीब एक दर्जन अवैध कट को बंद नहीं किया गया है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
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गाजीपुर। बरही चट्टी से महाहर धाम की दूरी तीन किलोमीटर है। इस मार्ग पर जगह-जगह अवैध ब्रेकर बने हुए हैं। देखा जाए तो करीब 14 अवैध ब्रेकर इस मार्ग पर हैं। इनकी ऊंचाई इतनी अधिक है कि रात के समय थोड़ी सी लापरवाही कांवड़ियों को मुश्किल में डाल सकती है। फोरलेन के बरही तक करीब 32 किमी के बाद तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में कांवड़ियों को काफी समय लग जाएगा।