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हमीद सेतु की मरम्मत का काम पूरा
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सुहवल(गाजीपुर)। हमीद सेतु में पड़ी दरार की मरम्मत का कार्य रविवार को 22वें दिन पूरा कर लिया गया। एनएचएआई निदेशक के अनुसार दो-तीन दिन में सेतु पर छोटे चार पहिया वाहनों का संचालन शुरू हो सकता है।
आठ मार्च की भोर में पुल पर टहलने वालों ने हमीद सेतु के पिलर संख्या-छह एवं सात के मध्य स्थित 14 नंबर ज्वाइंटर में रोलर बेयरिंग खिसकने से दरार देखी थी। इसकी जानकारी होते ही किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर जिलाधिकारी के बालाजी ने सेतु पर बड़े चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगा दिया था। इससे ऐसे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई, जहां-तहां ट्रकें खड़ी हो गई थी। 10 मार्च से गुजरात की निजी कंपनी के इंजीनियरों द्वारा सेतु का मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। मरम्मत कार्य में होने वाली परेशानियों को देखते हुए 12 मार्च से छोटे चार पहिया वाहनों के संचालन को भी प्रतिबंधित कर दिया, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई। स्कूल जाने वाले छात्रों सहित अन्य लोग सेतु के इस और उस पार उतरकर पैदल सेतु को पार कर रहे थे। गंगा पार के कई लोग शहर में आने के लिए नाव का सहारा ले रहे थे। इस संबंध में वाराणसी एनएचएआई के परियोजना निदेशक समर बहादुर ने बताया कि मरम्मत का काम रविवार को पूरा कर लिया गया। रहा सवाल इसे वाहनों के लिए खोले जाने का तो इसके स्थलीय निरीक्षण एवं विभागीय समीक्षा बैठक के बाद जो भी निर्णय होगा, उससे जिला प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि दो-दिन में छोटे चार पहिया वाहनों का संचालन सुचारु होगा। जबकि भारी वाहनों के संचालन के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
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आठ मार्च की भोर में पुल पर टहलने वालों ने हमीद सेतु के पिलर संख्या-छह एवं सात के मध्य स्थित 14 नंबर ज्वाइंटर में रोलर बेयरिंग खिसकने से दरार देखी थी। इसकी जानकारी होते ही किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर जिलाधिकारी के बालाजी ने सेतु पर बड़े चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगा दिया था। इससे ऐसे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई, जहां-तहां ट्रकें खड़ी हो गई थी। 10 मार्च से गुजरात की निजी कंपनी के इंजीनियरों द्वारा सेतु का मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। मरम्मत कार्य में होने वाली परेशानियों को देखते हुए 12 मार्च से छोटे चार पहिया वाहनों के संचालन को भी प्रतिबंधित कर दिया, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई। स्कूल जाने वाले छात्रों सहित अन्य लोग सेतु के इस और उस पार उतरकर पैदल सेतु को पार कर रहे थे। गंगा पार के कई लोग शहर में आने के लिए नाव का सहारा ले रहे थे। इस संबंध में वाराणसी एनएचएआई के परियोजना निदेशक समर बहादुर ने बताया कि मरम्मत का काम रविवार को पूरा कर लिया गया। रहा सवाल इसे वाहनों के लिए खोले जाने का तो इसके स्थलीय निरीक्षण एवं विभागीय समीक्षा बैठक के बाद जो भी निर्णय होगा, उससे जिला प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा। उम्मीद है कि दो-दिन में छोटे चार पहिया वाहनों का संचालन सुचारु होगा। जबकि भारी वाहनों के संचालन के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ सकता है।
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