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निरंतर कटान से पीड़ितों में असंतोष व्याप्त
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:16 AM IST
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करंडा(गाजीपुर)। क्षेत्र के बड़हरिया और रफीपुर गांवों में कटान का क्रम जारी है। कटान के मुहाने पर आ चुके मकान और खेत के मालिकों की नींद उड़ गई हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से कटान रोकने के उपाय भी किए जा रहे हैं, लेकिन इसे लेकर ग्रामीणों में असंतोष साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि यह काम बहुत पहले शुरू कर दिया जाना चाहिए था। कटान प्रभावित बड़हरिया और रफीपुर में कटान को रोकने के लिए बांस के क्रेटों में ईंट आदि डालकर रोकने का काम तेजी से चल रहा है।
बुधवार को स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डा. डी सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने कटान का निरीक्षण किया तथा इसके रोकने के कार्य तथा आगामी बचाव पर रणनीति बनाई। टीम में शामिल प्रवक्ता विनीत दूबे, सोनू सिंह, उपेंद्र सिंह समेत कई सदस्यों ने कटान के निरीक्षण के बाद ग्रामीणों से भी कटान पर विचार- विमर्श किया। ग्रामीणों ने बताया कि कटान बढ़ने से और भी खेतों के कटने का खतरा बना हुआ है। बताया कि सि गांव को फर्जी तरीके से ओडीएफ घोषित कर दिया गया। हालत यह है कि गांव में अधिकतर घरों में शौचालय तक नहीं है। बाढ़ और कटान के चलते शौच सबसे बड़ी समस्या बन गई है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों और महिलाओँ को हो रही है। इससे लोगों को बहुत मुश्किल हो रही है। पशुओं को पीने के लिए पानी आदि की व्यवस्था करने में भी मुश्किल हो रही है। सदस्यों ने आश्वासन दिया कि वह इन समस्याओँ को जल्दी ही आला अधिकारियों तो पहुंचाएंगे।
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बुधवार को स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष डा. डी सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने कटान का निरीक्षण किया तथा इसके रोकने के कार्य तथा आगामी बचाव पर रणनीति बनाई। टीम में शामिल प्रवक्ता विनीत दूबे, सोनू सिंह, उपेंद्र सिंह समेत कई सदस्यों ने कटान के निरीक्षण के बाद ग्रामीणों से भी कटान पर विचार- विमर्श किया। ग्रामीणों ने बताया कि कटान बढ़ने से और भी खेतों के कटने का खतरा बना हुआ है। बताया कि सि गांव को फर्जी तरीके से ओडीएफ घोषित कर दिया गया। हालत यह है कि गांव में अधिकतर घरों में शौचालय तक नहीं है। बाढ़ और कटान के चलते शौच सबसे बड़ी समस्या बन गई है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों और महिलाओँ को हो रही है। इससे लोगों को बहुत मुश्किल हो रही है। पशुओं को पीने के लिए पानी आदि की व्यवस्था करने में भी मुश्किल हो रही है। सदस्यों ने आश्वासन दिया कि वह इन समस्याओँ को जल्दी ही आला अधिकारियों तो पहुंचाएंगे।
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