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डीएम से मुआवजे को लेकर कल मिलेंगे किसान
Updated Fri, 25 May 2018 12:28 AM IST
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जंगीपुर (गाजीपुर)। फोरलेन में टाउन एरिया की अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा कम मिलने से किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है। मुआवजा को लेकर किसानों ने एक सप्ताह पूर्व फोरलेन का कार्य रोक दिया था। इसके बाद भी मुआवजा कम मिलने के चलते 26 मई को जिलाधिकारी के बालाजी से मुलाकात करने का निर्णय लिया।
वार्ड नंबर दो अंबेडकर नगर, वार्ड नंबर एक, वार्ड नंबर तीन और वार्ड नंबर आठ के किसानों की भूमि फोरलेन में अधिग्रहित की गई है, लेकिन मुआवजा एक से तीन वार्ड नंबर के किसानों को वार्ड नंबर आठ के किसानों से कम मिला है। इससे नाराज तीनों वार्डों के किसानों ने कुछ दिन पूर्व फोरलेन का कार्य रोक दिया था। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद मामला किसी तरह तो शांत हुआ, लेकिन किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। नाराज किसान विनोद कुशवाहा, रामराज कुशवाहा, राजदेव सिंह कुशवाहा, रामबचन राम, लालजी राम, दल्ली राम, धनई राम, शंभू, रामजनम कुशवाहा ने बताया कि जमीन फोरलेन में अधिग्रहित की कई गई तो मुआवजा के रूप में 13 लाख 75 हजार रुपया मंडा मिला है, जबकि बगल के ही किसानों को 29 से 30 लाख रुपये प्रति मंडा की दर दिया गया है। इसके लिए कई बार अधिकारियों से मिला गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। 26 मई को जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा भी इस समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो किसान अपने हक के लिए धरना को बाध्य होंगे।
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वार्ड नंबर दो अंबेडकर नगर, वार्ड नंबर एक, वार्ड नंबर तीन और वार्ड नंबर आठ के किसानों की भूमि फोरलेन में अधिग्रहित की गई है, लेकिन मुआवजा एक से तीन वार्ड नंबर के किसानों को वार्ड नंबर आठ के किसानों से कम मिला है। इससे नाराज तीनों वार्डों के किसानों ने कुछ दिन पूर्व फोरलेन का कार्य रोक दिया था। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद मामला किसी तरह तो शांत हुआ, लेकिन किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। नाराज किसान विनोद कुशवाहा, रामराज कुशवाहा, राजदेव सिंह कुशवाहा, रामबचन राम, लालजी राम, दल्ली राम, धनई राम, शंभू, रामजनम कुशवाहा ने बताया कि जमीन फोरलेन में अधिग्रहित की कई गई तो मुआवजा के रूप में 13 लाख 75 हजार रुपया मंडा मिला है, जबकि बगल के ही किसानों को 29 से 30 लाख रुपये प्रति मंडा की दर दिया गया है। इसके लिए कई बार अधिकारियों से मिला गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। 26 मई को जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा भी इस समस्या का निस्तारण नहीं किया गया तो किसान अपने हक के लिए धरना को बाध्य होंगे।
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