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228 करोड़ की ताड़ीघाट-बारा एनएच दो साल में ही सैकड़ों जगह से दरकरने लगी

Mon, 18 Apr 2022 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Apr 2022 10:33 PM IST
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228 crore Tadighat-Bara NH started passing through hundreds of places in two years
ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाइवे पर साइतबांध पुलिया के पास आई दरार। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
गाजीपुर/ रेवतीपुर। पड़ोसी राज्य बिहार को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे 124 सी विभिन्न जगहों से क्षतिग्रस्त हो गया है। कई जगहों पर दरारें इतनी गहरी हो गई हैं कि मोटरसाइकिल सवार इसमें फंसकर हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। दो वर्ष पहले ही 228 करोड़ रुपये की लागत से सीसी तकनीक से 38.600 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया।
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करीब साल भर पहले से इस सड़क पर दरारें उभरना शुरू हो गई थीं। जिसको लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन पूर्व में शिकायतें की जांच के नाम पर कोरम पूर्ती कर फाइलों को बंद कर दी गई। एनएच के अधिकारियों की इसकी जानकारी होने के बाद भी विभाग बेपरवाह बना हुआ है। बीच-बीच में दरार भरने का काम कर देती है जो महज दिखावा है। स्थिति यह है कि पूरे सड़क पर मोटी-मोटी दरारों वाली जगह को तोड़कर फिर से निर्माण करने की जरूरत है।
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आलम यह है कि ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर गहमर, भदौरा, नौली, उतरौली, रेवतीपुर,पकड़ी, डेढगांवा, साइतबांध, सुहवल तक सौ से अधिक दरारें पड़ चुकी हैं। इसमें दो दर्जन से अधिक दरारें काफी चौड़ी हो चुकी हैं। इन बड़ी दरार वाली जगहों पर कई बार मोटरसाइकिल सवार फंसकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। बावजूद इसके विभाग मौन साधे हुए हैं। वहीं, दो साल के भीतर ही सीसी तकनीक से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़क के टूटने पर इसके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। किस तरह की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया कि सड़क अभी ही दरकने लगी है। जब सड़क का कार्य हो रहा था तो क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा कई बार घटिया निर्माण को लेकर विभिन्न जगहों पर धरना प्रर्दशन किया गया था। उस समय ही स्थानीय लोगों ने निर्माण की स्थिति को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया था लेकिन संबधित अधिकारियों ने न उस समय इस मामले का संज्ञान लिया न आज लेने को तैयार हैं। इस मार्ग की जिम्मेदारी पहले उत्तर प्रदेश राज्य सड़क प्राधिकरण (उपसा) की थी। सड़क की लगातार हो रही दयनीय दशा के चलते तत्कालीन शासन ने उपसा से जिम्मेदारी लेकर निर्माण और मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दे दी थी। अब इस सड़क की जिम्मेदारी एनएच वाराणसी डिविजन के पास है।
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ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर आज ही टीम भेजकर सर्वे कराता हूं। जो भी टीबी रोड के लिए जिम्मेदार होगा उस संस्था से जल्द से जल्द मरम्मत करवाता हूं। - एमपी सिंह, जिलाधिकारी।
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