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गांधी पार्क तक रैली निकाल होगी साफ-सफाई
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:08 AM IST
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गाजीपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दो अक्तूबर को हंसयोग आश्रम में धार्मिक कार्यक्रम और सत्संग का आयोजन किया गया है। इसके तहत सुबह आठ बजे आश्रम से गांधी पार्क तक एक जुलूस निकाला जाएगा। इस दौरान जुलूस के मार्ग तथा गांधी पार्क की सफाई की जाएगी। बाद में 12 बजे से तीन बजे तक सत्संग होगा जिसमें हरिद्वार से आए महात्मा राम बलियानंदजी प्रवचन करेंगे। यह जानकारी मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से संचालित हंसयोग आश्रम में प्रभारी महात्मा सुकर्मानंदजी ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बिरले दर्जे के संत थे। उनके जन्मदिवस को संस्था की तरफ से हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। दो अक्तूबर को सभी भक्त प्रेमी एक जुलूस के रुप में महुआबाग होते हुए नई सहकारी कालोनी स्थित गांधी पार्क तक जाएंगे। इस दौरान श्रमदान कर साफ-सफाई की जाएगी। वहां से वापसी के बाद आश्रम पर संत प्रवचन होगा। अंत में भंडारा के माध्यम से प्रसाद वितरण किया जाएगा। महात्माजी ने कहा कि सतपाल जी महाराज ने मानव उत्थान के उद्देश्य से इस संस्था की स्थापना की। आज यह संस्था देश के कोने-कोने में धर्म प्रसार का काम कर रही है। आज के परिवेश में सभी लोग जीवन के उद्देश्य को भूलते जा रहे हैं। अधिक कमाने की लालच में सत्य के मार्ग से विरत हो रहे हैं। कलिकाल में रिश्ते नाते भी गौड़ हो रहे है। ऐसे में सभी को सद्गुरु की शरण में आकर मोक्ष को प्राप्त करना चाहिए। सत्संग से आत्मा की तृप्ति होती है। सभी को धर्म कार्य से जुड़ना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी बिरले दर्जे के संत थे। उनके जन्मदिवस को संस्था की तरफ से हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। दो अक्तूबर को सभी भक्त प्रेमी एक जुलूस के रुप में महुआबाग होते हुए नई सहकारी कालोनी स्थित गांधी पार्क तक जाएंगे। इस दौरान श्रमदान कर साफ-सफाई की जाएगी। वहां से वापसी के बाद आश्रम पर संत प्रवचन होगा। अंत में भंडारा के माध्यम से प्रसाद वितरण किया जाएगा। महात्माजी ने कहा कि सतपाल जी महाराज ने मानव उत्थान के उद्देश्य से इस संस्था की स्थापना की। आज यह संस्था देश के कोने-कोने में धर्म प्रसार का काम कर रही है। आज के परिवेश में सभी लोग जीवन के उद्देश्य को भूलते जा रहे हैं। अधिक कमाने की लालच में सत्य के मार्ग से विरत हो रहे हैं। कलिकाल में रिश्ते नाते भी गौड़ हो रहे है। ऐसे में सभी को सद्गुरु की शरण में आकर मोक्ष को प्राप्त करना चाहिए। सत्संग से आत्मा की तृप्ति होती है। सभी को धर्म कार्य से जुड़ना चाहिए।
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