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पिछले साल की अपेक्षा इस बार अधिक हुआ आंख के मरीजों का आपरेशन
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:01 PM IST
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गाजीपुर। लाइफ लाइन एक्सप्रेस में मरीजों का नि:शुल्क इलाज व ऑपरेशन की प्रक्रिया लगातार चल रही है। आंख की जांच और मोतियाबिन का ऑपरेशन पिछली बार से कहीं अधिक हुआ है। इस बार आंख का इलाज करवाने बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे और मोतियाबिन का ऑपरेशन भी पहले से अधिक लोगों का हुआ है। कुछ मरीजों का ब्लड प्रेशर और शुगर अधिक होने की वजह से उनका ऑपरेशन नहीं हो सका। ऐसे ही कुछ लोग जो की ऑपरेशन की निर्धारित तिथि पर नहीं पहुंच सके हैं। उनको बाद में बुलाकर अलग से जिला अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा मोतियाबिन का ऑपरेशन किया जाएगा।
लाइफ लाइन एक्सप्रेस में जितने भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, उनके और उनके एक तीमारदार के लिए सुबह नाश्ता तथा रात के भोजन तक की नि: शुल्क व्यवस्था की गई है। इसी तरह मरीजों और उनके सहयोगियों के लिए सर्दी में बचने के लिए रजाई गद्दे की भी व्यवस्था है। शुक्रवार से कटे होंठ और जले के इलाज के लिए मरीज लाइफ लाइन पहुंचकर अपना पंजीकरण और इलाज करवा रहे हैं। शनिवार से टाटा मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर पंकज चतुर्वेदी और उनकी टीम द्वारा कैंसर रोगियों की जाँच और इलाज किया जाएगा। लाइफ़ लाइन एक्सप्रेस के उद्घाटन के अवसर पर मनोज सिन्हा ने यह कहा था कि अगले साल फिर से लाइफ़ लाइन एक्सप्रेस आएगी लोगों का जोश और बढ़ा दिया। रेल राज्यमंत्री के प्रथम निजी सहायक सिद्धार्थ राय द्वारा लगातार हर व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है और एक- एक रोगी से मिल कर उसके स्वास्थ लाभ के बारे पूछा जा रहा है।
58 मरीजों ने कराया पंजीकरण
गाजीपुर। सिटी रेलवे स्टेशन के वाशिंगपिट पर खड़ी लाइफ-लाइन एक्सप्रेस में शुक्रवार को कटे-फटे ओंठ और जले से संकुचन के 58 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। दो दिनों तक चलने वाले इसी पंजीकरण में दजरऊ़नों मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। पंजीकृत मरीजों का चिकित्सकों ने जांच करने के साथ नि:शुल्क दवा आदि देने के साथ आपरेशन के लिए उन्हें निर्धारित तारीख भी दी। मालूम हो कि बीते कैंसर और आंख के हजारों मरीजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के साथ बेहतर चिकित्सकीय सेवा का लाभ उठाया।
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लाइफ लाइन एक्सप्रेस में जितने भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, उनके और उनके एक तीमारदार के लिए सुबह नाश्ता तथा रात के भोजन तक की नि: शुल्क व्यवस्था की गई है। इसी तरह मरीजों और उनके सहयोगियों के लिए सर्दी में बचने के लिए रजाई गद्दे की भी व्यवस्था है। शुक्रवार से कटे होंठ और जले के इलाज के लिए मरीज लाइफ लाइन पहुंचकर अपना पंजीकरण और इलाज करवा रहे हैं। शनिवार से टाटा मेमोरियल अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर पंकज चतुर्वेदी और उनकी टीम द्वारा कैंसर रोगियों की जाँच और इलाज किया जाएगा। लाइफ़ लाइन एक्सप्रेस के उद्घाटन के अवसर पर मनोज सिन्हा ने यह कहा था कि अगले साल फिर से लाइफ़ लाइन एक्सप्रेस आएगी लोगों का जोश और बढ़ा दिया। रेल राज्यमंत्री के प्रथम निजी सहायक सिद्धार्थ राय द्वारा लगातार हर व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है और एक- एक रोगी से मिल कर उसके स्वास्थ लाभ के बारे पूछा जा रहा है।
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58 मरीजों ने कराया पंजीकरण
गाजीपुर। सिटी रेलवे स्टेशन के वाशिंगपिट पर खड़ी लाइफ-लाइन एक्सप्रेस में शुक्रवार को कटे-फटे ओंठ और जले से संकुचन के 58 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। दो दिनों तक चलने वाले इसी पंजीकरण में दजरऊ़नों मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। पंजीकृत मरीजों का चिकित्सकों ने जांच करने के साथ नि:शुल्क दवा आदि देने के साथ आपरेशन के लिए उन्हें निर्धारित तारीख भी दी। मालूम हो कि बीते कैंसर और आंख के हजारों मरीजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के साथ बेहतर चिकित्सकीय सेवा का लाभ उठाया।
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