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इमरजेंसी सेवा की बहाली के लिए डीएम को सौंपा पत्रक
Updated Fri, 17 Aug 2018 12:12 AM IST
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गाजीपुर। जिला चिकित्सालय गाजीपुर के मिश्र बाजार स्थित पुराने भवन में इमरजेंसी सेवा शुरू किए जाने की मांग को लेकर विभिन्न संस्थाओं की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को गाजीपुर केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन, क्षत्रिय महासभा, इनोटिव वेलफेयर सोसाइटी, स्वर्ण जयंती सेवा संस्थान आदि का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उच्च न्यायालय के आदेश की चर्चा करते हुए 15 दिन के भीतर उक्त इमरजेंसी को शुरू कराने की मांग की है। इस मौके पर लोगों को होने वाली परेशानी के बारे में भी बताया गया।
जिला अस्पताल का गोरा बाजार में नया भवन बनने के बाद मिश्र बाजार स्थित जिला अस्पताल के परिसर से ओपीडी तथा इमरजेंसी सेवा भी वहां स्थानांतरित हो गया। वह शहर से बाहर है जहां रात के समय पहुंच पाना मुश्किल है। आपातकालीन हालत में वहां जाने के लिए साधन भी नहीं है। पहले यह सेवा शहर के बीचो-बीच थी, जिससे सभी लोगों को सुविधा मिलती थी। सबसे अधिक परेशानी दूर-दराज तथा गंवई इलाकों से आने वाले मरीजों को हो रही है। रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड भी इस अस्पताल से काफी दूर है। वहां से अस्पताल के लिए नियमित साधन नहीं मिलते। निजी साधन वाले मरीजों से मुंह मांगी रकम वसूलते हैं, जिससे मरीजों का और भी शोषण होता है। पुराने भवन में इस सेवा की बहाली को लेकर उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के क्रम में 16 जुलाई को एक आदेश भी पारित किया गया है। उसके अनुपालन के क्रम में यहां चिकित्सा सेवा शुरू की जानी चाहिए। इस मौके पर राजकुमार सिंह, सुनील कुमार वर्मा, नागमणि, मिश्रा, दीपक उपाध्याय, मकालू भाई, सौरभ राय, अभय प्रकाश, अनीस, अमर शंकर त्रिपाठी, रामा वर्मा, आशीष चौबे आदि मौजूद रहे।
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जिला अस्पताल का गोरा बाजार में नया भवन बनने के बाद मिश्र बाजार स्थित जिला अस्पताल के परिसर से ओपीडी तथा इमरजेंसी सेवा भी वहां स्थानांतरित हो गया। वह शहर से बाहर है जहां रात के समय पहुंच पाना मुश्किल है। आपातकालीन हालत में वहां जाने के लिए साधन भी नहीं है। पहले यह सेवा शहर के बीचो-बीच थी, जिससे सभी लोगों को सुविधा मिलती थी। सबसे अधिक परेशानी दूर-दराज तथा गंवई इलाकों से आने वाले मरीजों को हो रही है। रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड भी इस अस्पताल से काफी दूर है। वहां से अस्पताल के लिए नियमित साधन नहीं मिलते। निजी साधन वाले मरीजों से मुंह मांगी रकम वसूलते हैं, जिससे मरीजों का और भी शोषण होता है। पुराने भवन में इस सेवा की बहाली को लेकर उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका के क्रम में 16 जुलाई को एक आदेश भी पारित किया गया है। उसके अनुपालन के क्रम में यहां चिकित्सा सेवा शुरू की जानी चाहिए। इस मौके पर राजकुमार सिंह, सुनील कुमार वर्मा, नागमणि, मिश्रा, दीपक उपाध्याय, मकालू भाई, सौरभ राय, अभय प्रकाश, अनीस, अमर शंकर त्रिपाठी, रामा वर्मा, आशीष चौबे आदि मौजूद रहे।
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