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शहीद का शव देख आखों से बहे फक्र के आंसू
Updated Mon, 21 May 2018 11:52 PM IST
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शादियाबाद(गाजीपुर)। क्षेत्र के बरईपारा गांव निवासी जवान अर्जुन राजभर के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में शहीद होने की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया था। परिवार के साथ ही गांव के लोग लाल की शहादत पर रो पड़े थे। हर किसी को अर्जुन के अंतिम दर्शन का इंतजार था। देर शाम अर्जुन का शव उसके आवास पर पहुंचा। दर्शन के लिए ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। सभी की आंखों से फक्र के आंसू बहने लगे। बेटे का चेहरा देखने के लिए माता-पिता व्याकुल थे।
बेटे की शहादत की खबर आने के बाद मां रमावती देवी, पिता बलिराम राजभर, छोटे भाई रामकेश के साथ परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों आंखें छलक गईं। अर्जुन के शहादत की खबर जिस भी ग्रामीण को मिली, उसके पांव उसके दरवाजे के लिए बढ़ गए। मां रमावती देवी और पिता बलिराम बेटे की शहादत पर फक्र करते हुए उसके अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल हो उठे। सुबह का सूरज निकलते ही शहीद के दरवाजे में काफी संख्या में लोग पहुंच गए और देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले गांव के जांबाज लाल का शव आने का इंतजार करने लगे। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की बेचैनी भी बढ़ती गई। देर शाम करीब सात बजे सैकड़ों के समूह में अर्जुन का शव घर पर पहुंचा। शव पहुंचते ही बूढ़ी मां रमावती देवी और पिता बलिराम की आंखें बेटे को देखने के लिए परेशान रहीं। लाल का चेहरा देखते ही माता-पिता सहित परिवार के अन्य लोगों की आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी।
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बेटे की शहादत की खबर आने के बाद मां रमावती देवी, पिता बलिराम राजभर, छोटे भाई रामकेश के साथ परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों आंखें छलक गईं। अर्जुन के शहादत की खबर जिस भी ग्रामीण को मिली, उसके पांव उसके दरवाजे के लिए बढ़ गए। मां रमावती देवी और पिता बलिराम बेटे की शहादत पर फक्र करते हुए उसके अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल हो उठे। सुबह का सूरज निकलते ही शहीद के दरवाजे में काफी संख्या में लोग पहुंच गए और देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले गांव के जांबाज लाल का शव आने का इंतजार करने लगे। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की बेचैनी भी बढ़ती गई। देर शाम करीब सात बजे सैकड़ों के समूह में अर्जुन का शव घर पर पहुंचा। शव पहुंचते ही बूढ़ी मां रमावती देवी और पिता बलिराम की आंखें बेटे को देखने के लिए परेशान रहीं। लाल का चेहरा देखते ही माता-पिता सहित परिवार के अन्य लोगों की आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी।
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