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अतिक्रमण के चलते नगर की यातायात व्यवस्था चरमराई
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:31 PM IST
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सैदपुर (गाजीपुर)। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण के चलते यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। नगर क्षेत्र के विभिन्न स्कूल, कॉलेजों के खुल जाने से जाम की समस्या और बढ़ गई है। अतिक्रमण के चलते सादात तिराहा, रेलवे क्रॉसिंग, तहसील गेट, नई सड़क एवं नगर के मुख्य मार्ग पर पूरे दिन जाम लगा रहता है।
सादात तिराहे और रेलवे क्रॉसिंग पटरी पर दूकानदार अपना सारा सामान रखते ही हैं। इसके अतिरिक्त फल, सब्जी, जूते चप्पल और तमाम रोजमर्रा के सामानों की दूकान सजी रहती हैं। मार्ग पर फलों और सब्जियों के ठेलों के काबिज होने के कारण वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आए दिन लंबा जाम लगा रहता है। कमोवेश यही स्थिति नई सड़क मार्ग की है। नई सड़क तिराहे से गंगा पुल तक पटरियों पर सब्जी की दूकान लगी रहती है। मार्ग के हिस्से में ठेले और खरीदारों के चलते आधा मार्ग घिरा रहता है। ऐसे में रोज छोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सबसे खराब हालत पुराने स्टेट बैंक तिराहे से मुख्य चौराहे तक की है। स्टेट बैंक से पुरानी सब्जी मंडी तक आधा सड़क तक लगी सब्जी की दूकानों सहित अन्य दूकान वाले भी सड़क की पूरी पटरी पर दूकान लगाए रहते हैं। ठेले वाले सड़क कब्जाए रहते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में 50 से 100 मीटर की यात्रा में घंटे भर का समय लग जाता है। इस क्षेत्र में अधिकांश दूकानदार अपने दूकान के सामने छाया के नाम पर तिरपाल और टिनशेड डालकर पूरी सड़क पर दूकान चला रहे हैं। इस बाबत सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस में कई जगहों पर अपने घरों और दूकान के सामने लगे ठेलों और दूकानों से मकान मालिक और दूकान मालिक किराए के नाम पर 600 से 3000 रुपये प्रति माह किराया भी वसूलते हैं। अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए फल, सब्जी उन्हें अतिरिक्त बिना पैसा के पहुंचाते हैं। इसके पूर्व में कई बार आधे अधूरे मन से कुछ हिस्सों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया जिसमें भेद भाव की शिकायत हुई। एक-दो दिन बाद समस्या जस की तस हो गई। अतिक्रमण के चलते आवागमन की समस्या के साथ दूकानदारी भी प्रभावित हो रही है। ईओ संतोष मिश्र और नगर पंचायत चेयर मैन शशि सोनकर ने बताया कि नगर में अतिक्रमण के खिलाफ शीघ्र ही बड़ा अभियान चलाया जाएगा।
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सादात तिराहे और रेलवे क्रॉसिंग पटरी पर दूकानदार अपना सारा सामान रखते ही हैं। इसके अतिरिक्त फल, सब्जी, जूते चप्पल और तमाम रोजमर्रा के सामानों की दूकान सजी रहती हैं। मार्ग पर फलों और सब्जियों के ठेलों के काबिज होने के कारण वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आए दिन लंबा जाम लगा रहता है। कमोवेश यही स्थिति नई सड़क मार्ग की है। नई सड़क तिराहे से गंगा पुल तक पटरियों पर सब्जी की दूकान लगी रहती है। मार्ग के हिस्से में ठेले और खरीदारों के चलते आधा मार्ग घिरा रहता है। ऐसे में रोज छोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। सबसे खराब हालत पुराने स्टेट बैंक तिराहे से मुख्य चौराहे तक की है। स्टेट बैंक से पुरानी सब्जी मंडी तक आधा सड़क तक लगी सब्जी की दूकानों सहित अन्य दूकान वाले भी सड़क की पूरी पटरी पर दूकान लगाए रहते हैं। ठेले वाले सड़क कब्जाए रहते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में 50 से 100 मीटर की यात्रा में घंटे भर का समय लग जाता है। इस क्षेत्र में अधिकांश दूकानदार अपने दूकान के सामने छाया के नाम पर तिरपाल और टिनशेड डालकर पूरी सड़क पर दूकान चला रहे हैं। इस बाबत सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस में कई जगहों पर अपने घरों और दूकान के सामने लगे ठेलों और दूकानों से मकान मालिक और दूकान मालिक किराए के नाम पर 600 से 3000 रुपये प्रति माह किराया भी वसूलते हैं। अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए फल, सब्जी उन्हें अतिरिक्त बिना पैसा के पहुंचाते हैं। इसके पूर्व में कई बार आधे अधूरे मन से कुछ हिस्सों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया जिसमें भेद भाव की शिकायत हुई। एक-दो दिन बाद समस्या जस की तस हो गई। अतिक्रमण के चलते आवागमन की समस्या के साथ दूकानदारी भी प्रभावित हो रही है। ईओ संतोष मिश्र और नगर पंचायत चेयर मैन शशि सोनकर ने बताया कि नगर में अतिक्रमण के खिलाफ शीघ्र ही बड़ा अभियान चलाया जाएगा।
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