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तीन गांवों में डायरिया के 200 मिले मरीज
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जमानिया। तहसील क्षेत्र के देवरिया सब्बलपुर खुर्द एवं पाह सैय्यदराजा गांव में डायरिया का कहर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रतिदिन डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को यह आंकड़ा 200 को पार कर गया। तीन गांव के लोग डायरिया से पीड़ित है। ऐसे में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
देवरिया गांव के साथ-साथ पाह सैयदराजा और सब्बलपुर खुर्द में भी डायरिया अपना पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार गांव में दवा बांटी जा रही है, लेकिन यह नाकाफी है। यही कारण है कि दिन पर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एसडीएम भरत भार्गव के नेतृत्व में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की टीम देवरिया पहुंच कर पानी की जांच की। जांच में पानी ठीक पाया गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी है, लेकिन एक जगह पर बैठ कर समय बिता रहे हैं। टीम द्वारा गांव में घर-घर जाकर दवा वितरण सहित अन्य जरूरी दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं। घर की महिला कैंप के स्थान तक नहीं जा सकती है। गांव के लोग पंचायत भवन को अस्थाई अस्पताल बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। जहां एक डॉक्टर की तैनाती बराबर रहे, जिससे प्राथमिक इलाज समय से शुरू हो सके। एसडीएम भारत भार्गव ने बताया कि गांव में लगी जल निगम की टंकी एवं हैंडपंप का पानी का टीडीएस देखा गया और पानी के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पंचायत भवन पर कैंप लगा काम करे हैं। दवाइयां और ओआरएस आदि बांटे जा रहे हैं।
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देवरिया गांव के साथ-साथ पाह सैयदराजा और सब्बलपुर खुर्द में भी डायरिया अपना पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार गांव में दवा बांटी जा रही है, लेकिन यह नाकाफी है। यही कारण है कि दिन पर दिन मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एसडीएम भरत भार्गव के नेतृत्व में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों की टीम देवरिया पहुंच कर पानी की जांच की। जांच में पानी ठीक पाया गया। ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी है, लेकिन एक जगह पर बैठ कर समय बिता रहे हैं। टीम द्वारा गांव में घर-घर जाकर दवा वितरण सहित अन्य जरूरी दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं। घर की महिला कैंप के स्थान तक नहीं जा सकती है। गांव के लोग पंचायत भवन को अस्थाई अस्पताल बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। जहां एक डॉक्टर की तैनाती बराबर रहे, जिससे प्राथमिक इलाज समय से शुरू हो सके। एसडीएम भारत भार्गव ने बताया कि गांव में लगी जल निगम की टंकी एवं हैंडपंप का पानी का टीडीएस देखा गया और पानी के परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पंचायत भवन पर कैंप लगा काम करे हैं। दवाइयां और ओआरएस आदि बांटे जा रहे हैं।
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