फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   किसान आंदोलन के पर्याय थे स्वामी सहजानंद

किसान आंदोलन के पर्याय थे स्वामी सहजानंद

Mon, 04 Mar 2019 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
किसान आंदोलन के पर्याय थे स्वामी सहजानंद
गाजीपुर। स्वामी सहजानंद की जयंती के मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि दिनेशचंद्र शर्मा के तुलसी सागर स्थित आवास पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बीच श्री शर्मा ने कहा कि जहां कहीं भी किसानों के हित और आंदोलन की बात हो, वहां स्वामी सहजानंद का नाम अवश्य लिया जाता है। वह किसान आंदोलन के पर्याय बन गए। कहा कि वह किसान पुत्र काफी सहज हृदय के थे तथा किसानों की समस्याओं को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। वह जानते थे कि जब तक देश का किसान समृद्ध नहीं होगा तब तक देश समृद्ध हो ही नहीं सकता। जनता के हाथ में शासन हो, इसके वह पक्षधर थे। संचालन कर रहे अनिल कुमार अनिलाभ ने कहा कि उनके मिशन की सफलता के लिए किसानों में जागरूकता एवं एकता लाने का भरपूर प्रयास किया गया। अन्य वक्ताओं ने कहा कि वह किसान मजदूर संगठन की स्थापना करना चाहते थे। 1950 में उनका देहांत हो गया जिसके कारण यह सपना अधूरा ही रह गया। इस मौके पर बीके सिंह, ओएन प्रधान, रामबचन प्रसाद, प्रमोद राय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed