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दस के खिलाफ एससीएसटी का मुकदमा
Updated Wed, 05 Dec 2018 01:03 AM IST
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के सुकहां गांव में साईं मंदिर निर्माण स्थल पर होने वाले आरती के हुए मारपीट के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 10 लोगों के लोगों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया है।
बीते जून माह में सूकहां गांव में साईं मंदिर निर्माण स्थल पर आरती हो रही थी। इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंचे थे और आरती का विरोध किया था। इसे लेकर साईं भक्तों ने उनसे मारपीट की थी। इस मामले में एक पक्ष के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। दूसरे पक्ष के वादी अनिल कुमार ने द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससीएसटी एक्ट की अदालत में गुहार लगाई कि कासिमाबाद पुलिस हम लोगों के ऊपर एक तरफा कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। इस मामले में अनूप यादव, बाल गोविंद यादव, विनय उर्फ नन्हें, अमृतांश यादव, अंशुमान यादव, मनोज गुप्ता, हवलदार यादव सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हमारी तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया। सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने कासिमाबाद पुलिस को निर्देश दिया कि उक्त मामले में एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत करें। इस आदेश के बाद पुलिस ने मंगलवार की सुबह मुकदमा पंजीकृत कर लिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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बीते जून माह में सूकहां गांव में साईं मंदिर निर्माण स्थल पर आरती हो रही थी। इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंचे थे और आरती का विरोध किया था। इसे लेकर साईं भक्तों ने उनसे मारपीट की थी। इस मामले में एक पक्ष के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। दूसरे पक्ष के वादी अनिल कुमार ने द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष एससीएसटी एक्ट की अदालत में गुहार लगाई कि कासिमाबाद पुलिस हम लोगों के ऊपर एक तरफा कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। इस मामले में अनूप यादव, बाल गोविंद यादव, विनय उर्फ नन्हें, अमृतांश यादव, अंशुमान यादव, मनोज गुप्ता, हवलदार यादव सहित एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ हमारी तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया। सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने कासिमाबाद पुलिस को निर्देश दिया कि उक्त मामले में एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत करें। इस आदेश के बाद पुलिस ने मंगलवार की सुबह मुकदमा पंजीकृत कर लिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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