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उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम में 43 में 35 वादों का निस्तारण
Updated Mon, 24 Sep 2018 11:17 PM IST
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जमानिया(गाजीपुर)। नगर स्थित अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड के कार्यालय पर सोमवार को उपभोक्ता व्यथा निवारण फोरम अदालत का आयोजन किया गया । इस मौके पर 43 वादों में से 35 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष वादों को कार्यालय स्तर से जल्द ही निस्तारित किया जाएगा।
जन अदालत में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे, लेकिन पोस्टल आर्डर न होने की वजह से वाद दायर नहीं कर पाए। 43 लोगों ने वाद दायर किया जिसमें से 35 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण महेंद्र मिश्र ने कहा कि बिजली के बिल मीटर कनेक्शन आदि से संबंधित समस्या को सुना गया, जिसका निस्तारण त्वरित संभव था, उसका त्वरित निस्तारण कराया गया। फोरम के अध्यक्ष श्याम बिहारी ने बताया कि बहुत से लोगों को पता नहीं है कि फोरम में कैसे वाद दायर किया जाता है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि फोरम में वाद दायर करने के लिए 50 रुपये का पोस्टल ऑर्डर लगा कर वाद दर्ज कराया जाता है। कुछ मामलों को तत्काल और शेष मामलों की प्रत्येक माह की 30 तारीख को सुनवाई होती है। 90 दिन में फोरम मामले का निस्तारण करता है। अगर समय सीमा में निस्तारण नहीं होता है अथवा फिर फोरम के निर्णय से उपभोक्ता संतुष्ट नहीं है तो लखनऊ स्थित लोकपाल के यहां निशुल्क वाद दायर कर सकते हैं। कहा कि विद्युत लोकपाल के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है। इस मौके पर फोरम के सचिव अनिल कुमार गुप्ता एसडीओ बीके राव एसडीओ आलोक जेई संतोष मौर्य जेई हर्षित राय आदि उपस्थित थे।
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जन अदालत में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे, लेकिन पोस्टल आर्डर न होने की वजह से वाद दायर नहीं कर पाए। 43 लोगों ने वाद दायर किया जिसमें से 35 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण महेंद्र मिश्र ने कहा कि बिजली के बिल मीटर कनेक्शन आदि से संबंधित समस्या को सुना गया, जिसका निस्तारण त्वरित संभव था, उसका त्वरित निस्तारण कराया गया। फोरम के अध्यक्ष श्याम बिहारी ने बताया कि बहुत से लोगों को पता नहीं है कि फोरम में कैसे वाद दायर किया जाता है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि फोरम में वाद दायर करने के लिए 50 रुपये का पोस्टल ऑर्डर लगा कर वाद दर्ज कराया जाता है। कुछ मामलों को तत्काल और शेष मामलों की प्रत्येक माह की 30 तारीख को सुनवाई होती है। 90 दिन में फोरम मामले का निस्तारण करता है। अगर समय सीमा में निस्तारण नहीं होता है अथवा फिर फोरम के निर्णय से उपभोक्ता संतुष्ट नहीं है तो लखनऊ स्थित लोकपाल के यहां निशुल्क वाद दायर कर सकते हैं। कहा कि विद्युत लोकपाल के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है। इस मौके पर फोरम के सचिव अनिल कुमार गुप्ता एसडीओ बीके राव एसडीओ आलोक जेई संतोष मौर्य जेई हर्षित राय आदि उपस्थित थे।
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