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कंटेनर खेत में घुसा, 23 मवेशियों की मौत
Updated Tue, 11 Sep 2018 12:20 AM IST
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दिलदारनगर(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के अमौरा-मिश्रवलिया संपर्क मार्ग पर सोमवार की भोर में हत्या के लिए बिहार ले जाए जा रहे मवेशियों से भरा कंटेनर अमौरा गांव के पास सड़क किनारे खेत में घुस गया। हादसे में कंटेनर में लदे 23 मवेशियों की मौत हो गई। जबकि तीन जिंदा बच गए। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मृत मवेशियों को जमीन में दफन करवाया। जिंदा बचे तीन मवेशियों को ग्रामीणों के सुर्पुदगी में दे दिया गया। कंटेनर को कब्जे में लेकर थाने लाया गया। ग्रामीणों की माने तो इस रास्ते रात के अंधेरे में पशु तस्करी होती है और बिना किसी रोकटोक के इन्हें बिहार भेजा जाता है।
यूपी-बिहार बार्डर पर स्थित कर्मनाशा नदी पुल से होकर पशुओं की तस्करी को खेल काफी दिनों से चल रहा है। इन्हें सप्ताह में एक अथवा दो दिन ही ले जाया जाता है। सोमवार को भोर में पशु तस्करी की कुछ गाड़ियां जा रही थी। लोगों के मुताबिक एक साथ तीन कंटेनर और उनके आगे पीछे एक बोलेरो चल रही थी। मवेशी लदे दो कंटेनर तो पार हो गए, लेकिन तीसरा अमौरा-मिश्रवलिया संपर्क मार्ग पर अमौरा गांव के समीप अनियंत्रित होकर खेत में उतर गया। हादसे के बाद चालक अज्ञात बोलेरो में सवार हो कर फरार हो गया। जबकि कंटेनर पर नजर पड़ते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कंटेनर को देख ग्रामीणों को यह समझते देर नहीं लगी कि उसमें मवेशी लदे हैं। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी होते ही प्रभारी निरीक्षक दिलदारनगर विमल कुमार मिश्रा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण की मदद से जब कंटेनर खुलवाया तो देखा कि उसमें आढ़े-तिरछे मवेशी गिरे पड़े थे। मवेशियों को बाहर निकलवाया तो पता चला कि 23 मवेशियों की मौत हो गई थी, जबकि तीन जिंदा थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृत मवेशियों को गड्ढा खुदवा कर दफन करा दिया। जबकि जिंदा तीन मवेशियों को पालन-पोषण के लिए ग्रामीण को सुर्पुद कर दिया। वाहन चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में एसपी ग्रमीण चंद्र प्रकाश शुुक्ल ने बताया कि जनपद के सभी बार्डर पर चौकसी बरती जा रही है। पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। बार्डर पर पशु तस्करी की बात गलत है। पुलिस इसे रोकने के लए पूरी तत्परता से जुटी हुई है।
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यूपी-बिहार बार्डर पर स्थित कर्मनाशा नदी पुल से होकर पशुओं की तस्करी को खेल काफी दिनों से चल रहा है। इन्हें सप्ताह में एक अथवा दो दिन ही ले जाया जाता है। सोमवार को भोर में पशु तस्करी की कुछ गाड़ियां जा रही थी। लोगों के मुताबिक एक साथ तीन कंटेनर और उनके आगे पीछे एक बोलेरो चल रही थी। मवेशी लदे दो कंटेनर तो पार हो गए, लेकिन तीसरा अमौरा-मिश्रवलिया संपर्क मार्ग पर अमौरा गांव के समीप अनियंत्रित होकर खेत में उतर गया। हादसे के बाद चालक अज्ञात बोलेरो में सवार हो कर फरार हो गया। जबकि कंटेनर पर नजर पड़ते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कंटेनर को देख ग्रामीणों को यह समझते देर नहीं लगी कि उसमें मवेशी लदे हैं। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी होते ही प्रभारी निरीक्षक दिलदारनगर विमल कुमार मिश्रा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण की मदद से जब कंटेनर खुलवाया तो देखा कि उसमें आढ़े-तिरछे मवेशी गिरे पड़े थे। मवेशियों को बाहर निकलवाया तो पता चला कि 23 मवेशियों की मौत हो गई थी, जबकि तीन जिंदा थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृत मवेशियों को गड्ढा खुदवा कर दफन करा दिया। जबकि जिंदा तीन मवेशियों को पालन-पोषण के लिए ग्रामीण को सुर्पुद कर दिया। वाहन चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में एसपी ग्रमीण चंद्र प्रकाश शुुक्ल ने बताया कि जनपद के सभी बार्डर पर चौकसी बरती जा रही है। पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। बार्डर पर पशु तस्करी की बात गलत है। पुलिस इसे रोकने के लए पूरी तत्परता से जुटी हुई है।
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