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नाटकों की प्रस्तुति कर सोचने को किया विवश
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:07 PM IST
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गाजीपुर। लूदर्स कान्वेंट बालिका इंटर कालेज में गुरुवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्राओं ने सामाजिक कुरीतियों पर आधारित नाटक का मंचन कर उपस्थित छात्राओं सहित अन्य लोगों की खूब तालियां बटोरते हुए उन्हें सोचने को विवश कर दिया।
बारह ग्रुप में बंटी प्रत्येक ग्रुप की छात्राओं ने अलग-अलग नाटक का मंचन किया। शिक्षा, बाल श्रम, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों शानदार मंचन किया गया। छात्राओं ने नाटक के माध्यम से लोगों को यह बताने का काम किया कि दहेज लेना और देना दोनों अपराध है। दहेज के लोग भी ससुराल के लोगों द्वारा किस तरीके से बहू को परेशान करते हुए उनका उत्पीड़न किया जाता है, को दर्शाते हुए उपस्थित लोगों को सोचने पर विवश कर दिया। बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ नाटक की प्रस्तुति कर समाज में बेटियों का क्या महत्व है, इसे बताने का कार्य किया। बताया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों में कम नहीं है। वह समाज के लिए बेटों से ज्यादा कार्य कर सकती हैं। नाटक के माध्यम से लोगों को यह बताने का कार्य किया कि बाल श्रम अपराध की श्रेणी में आता है। इससे बच्चों को बचपन छीनने के साथ ही वह शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। इस मौके पर पीजी कालेज से सेवानिवृत्त डा. अशोक कुमार चटर्जी ने अपनी मां की याद में दसवीं की दस टापपेन छात्राओं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सिस्टर एल्फोंसा, रजनी मिश्रा, कोआर्डिनेटर श्वेता राय, मीरा चतुर्वेदी, अ नीता, गार्गी सहित छात्राएं मौजूद थी।
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बारह ग्रुप में बंटी प्रत्येक ग्रुप की छात्राओं ने अलग-अलग नाटक का मंचन किया। शिक्षा, बाल श्रम, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण आदि विषयों शानदार मंचन किया गया। छात्राओं ने नाटक के माध्यम से लोगों को यह बताने का काम किया कि दहेज लेना और देना दोनों अपराध है। दहेज के लोग भी ससुराल के लोगों द्वारा किस तरीके से बहू को परेशान करते हुए उनका उत्पीड़न किया जाता है, को दर्शाते हुए उपस्थित लोगों को सोचने पर विवश कर दिया। बेटी बचाओ, बेढ़ी पढ़ाओ नाटक की प्रस्तुति कर समाज में बेटियों का क्या महत्व है, इसे बताने का कार्य किया। बताया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों में कम नहीं है। वह समाज के लिए बेटों से ज्यादा कार्य कर सकती हैं। नाटक के माध्यम से लोगों को यह बताने का कार्य किया कि बाल श्रम अपराध की श्रेणी में आता है। इससे बच्चों को बचपन छीनने के साथ ही वह शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। इस मौके पर पीजी कालेज से सेवानिवृत्त डा. अशोक कुमार चटर्जी ने अपनी मां की याद में दसवीं की दस टापपेन छात्राओं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सिस्टर एल्फोंसा, रजनी मिश्रा, कोआर्डिनेटर श्वेता राय, मीरा चतुर्वेदी, अ नीता, गार्गी सहित छात्राएं मौजूद थी।
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