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यूरिया के संकट से जूझ रहे किसान

Sun, 20 Jan 2019 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:42 AM IST
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यूरिया के संकट से जूझ रहे किसान
गाजीपुर। खेती-बारी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को यूरिया खाद के संकट से जूझना पड़ रहा है। अधिकतर सहकारी समितियों पर खाद गायब है जिससे किसानों को बाजार से मंहगी यूरिया खरीदनी पड़ रही है। सबसे विकट स्थिति गंगा पार के सुहवल, जमानिया, दिलदारनगर, गहमर आदि क्षेत्रों में है। कुछ किसानों का आरोप है कि मंहगा खाद बेचने के लिए कृत्रिम संकट पैदा किया गया है। हालांकि अधिकारी सभी समितियों पर पर्याप्त यूरिया होने का दावा कर रहे हैं। इसका मूल्य भी घटा दिया गया है फिर खाद नदारद है।
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जिले में गेहूं के अतिरिक्त आलू, दलहन, सरसों, तीसी आदि की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद, जमानिया और सैदपुर तहसील क्षेत्र में आलू और गेहूं की फसलों को तैयार करने के लिए अब खेतों में यूरिया खाद देना जरूरी है। इस महत्वपूर्ण समय पर किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं। सबसे अधिक दयनीय दशा गंगा पार की समितियों पर है। सुहवल संवाददाता के अनुसार आलू और गेहूं में छिड़कने के लिए यूरिया समितियों पर उपलब्ध नहीं है। जमानिया, सेवराई और दिलदारनगर में भी यही हाल है। कुछ समितियों पर खाद है भी तो वह किसानों को आसानी से नहीं दी जा रही है। रोजाना समितियों पर हो-हल्ला मच रहा है। मजबूरी में किसान खुले बाजार में उर्ररकों की दुकानों पर जाकर महंगी यूरिया खरीद रहे हैं। हेतिमपुर के किसान राजदेव ने बताया कि विकास कर रही फसलों में दो-तीन दिन के भीतर ही खाद देनी पड़ती है अन्यथा उत्पादन पर असर पड़ता है। ऐसे में समितियों पर खाद नहीं मिलना हमारे लिए बड़ी समस्या बन गई है। गुलाब कुशवाहा ने कहा कि यूरिया के अभाव में फसलों पर प्रभाव पड़ने लगा है। समितियों पर जानबूझ कर यूरिया नहीं दी जा रही है। मजबूरी में हम बाहरी दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों की मानें तो जिले में 29884 एमटी यूरिया का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें जनवरी माह तक 14753 एमटी लक्ष्य तय किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 21560 मीट्रिक टन यूरिया जिले में उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि हमीद सेतु पर बड़े वाहनों के बंद हो जाने से गंगा पार यूरिया पहुंचाने में कठिनाई आ रही है। अब छोटे वाहनों से समितियों पर यूरिया भेजी जा रही है।
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समितियों पर उपलब्ध है यूरिया
गाजीपुर। जिले में कुल 182 सहकारी समितियां हैं। 48 सहकारी समितियां कृषकों को ऋण एवं नगद दोनों तरह से उर्वरक उपलब्ध कराती हैं। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 3800 एमटी यूरिया समितियों पर भेजी जा चुकी है। यूरिया स्टाक में उपलब्ध है, जिसे मांग के अनुसार भेजा जा रहा है। यूरिया के लिए किसानों को सहकारी समितियों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
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