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नियमित पढ़ाई को मेधावियों ने बताया सफलता का राज
Updated Tue, 29 May 2018 11:28 PM IST
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गाजीपुर। सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में श्रेष्ठता सूची में आने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं डॉक्टर और इंजीनियर बनना चाहते हैं। कुछ छात्र प्रशासनिक सेवा में तो कई की भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने की इच्छा है। मेधावी नियमित पढ़ाई को अपनी सफलता का राज बताते हैं।
बोर्ड की 10वीं कक्षा में अपनी मेधा का डंका बजाने वाले छात्र-छात्राओं में रिफत आरा, ताजवर, इशानी दूबे चिकित्सक बनना चाहती हैं। प्राची सिंह की इंजीनियर बनने की तमन्ना है। श्रेष्ठता सूची में शामिल कुछ अन्य छात्र-छात्राएं भी इंजीनियरिंग के पेशे को अपनाना चाहते हैं। साक्षी दूबे भारतीय प्रशासनिक सेवा में तो अनीस सिंह और साहिल की भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की हसरत है। अनुष्का राय प्रोफेसर बनना चाहती है। बात-चीत में ज्यादातर मेधावियों ने नियमित अध्ययन को अपनी सफलता का राज बताया। कहा कि स्कूल की पढ़ाई के अलावा रोजाना करीब चार से पांच घंटे पढ़ाई की जाए तो लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। निष्ठा एवं लगन के साथ की गई पढ़ाई से कामयाबी तय है। समयसारिणी निर्धारित कर पढ़ाई करना श्रेयस्कर है।
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बोर्ड की 10वीं कक्षा में अपनी मेधा का डंका बजाने वाले छात्र-छात्राओं में रिफत आरा, ताजवर, इशानी दूबे चिकित्सक बनना चाहती हैं। प्राची सिंह की इंजीनियर बनने की तमन्ना है। श्रेष्ठता सूची में शामिल कुछ अन्य छात्र-छात्राएं भी इंजीनियरिंग के पेशे को अपनाना चाहते हैं। साक्षी दूबे भारतीय प्रशासनिक सेवा में तो अनीस सिंह और साहिल की भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने की हसरत है। अनुष्का राय प्रोफेसर बनना चाहती है। बात-चीत में ज्यादातर मेधावियों ने नियमित अध्ययन को अपनी सफलता का राज बताया। कहा कि स्कूल की पढ़ाई के अलावा रोजाना करीब चार से पांच घंटे पढ़ाई की जाए तो लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। निष्ठा एवं लगन के साथ की गई पढ़ाई से कामयाबी तय है। समयसारिणी निर्धारित कर पढ़ाई करना श्रेयस्कर है।
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