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खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है
Updated Wed, 23 May 2018 10:52 PM IST
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गाजीपुर/बहरियाबाद। खजूर यूं तो बारहों महीने बाजार में उपलब्ध रहता है, लेकिन रमजान के मुकद्दस महीने में इसकी खरीद-फरोख्त बढ़ जाती है। अन्य दिनों की अपेक्षा रमजान महीने में खजूर की खपत आठ से दस गुना ज्यादा बढ़ जाती है। जिसका प्रमुख कारण यह है कि अफ्तार के समय रोजेदारों द्वारा खजूर से रोजा खोलना। अमीर हो या गरीब, अफ्तार के समय हर एक के दस्तरख्वान पर खजूर अवश्य होता है। यूं तो रोजा पानी, मीठा या किसी भी अन्य जायज खाने-पीने की वस्तु से खोला जा सकता है, लेकिन खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है।
खजूर की महत्ता के बारे में कहा जाता है कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को खजूर बेहद पसंद था और वह प्राथमिकता के तौर पर खजूर से रोजा खोलना पसंद करते थे। खजूर से रोजा खोलना सुन्नत होने के कारण रोजा-इफ्तार के समय दस्तरख्वान पर अन्य लजीज पकवानों के साथ ही खजूर भी अवश्य होता है। खजूर से अफ्तार करने से जहां सुन्नते-रसूल अदा होता है, वहीं खजूर अपनी विशिष्ट विशेषताओं के कारण भी रोजेदारों को तवानाई एवं सेहत प्रदान करता है। हदीस में सेहरी एवं अफ्तार में खजूर के प्रयोग पर जोर दिया गया है। शहर के टाउनहाल के व्यवसायी मो. नसीम ने बताया कि सऊदी के 100 से लेकर दो हजार रुपये तक में खजूर उपलब्ध है। बहरियाबाद के परचून व्यवसायी शमीम अहमद ने बताया कि 80 से 500 रुपये किलो तक के खजूर उपलब्ध हैं। स्वदेशी खजूर के साथ ही ईरान की कास खजूर, हारमनी खजूर, मबरूक खजूर, जसवा खजूर, मरयमी खजूर, ईराक की क्राफ्ट खजूर ओमान की फरहत खजूर, दुबई की गल्फ खजूर, सउदी अरब की सगावी और बेस्ट खजूर आदि विभिन्न किस्में मौजूद हैं। मदीना मुनव्वरह की सबसे विशिष्ट खजूर अजव-ए-आम महंगी होने की वजह से आम तौर पर बाजारों में इक्का-दुक्का ही नजर आती। लोग अरब में रह रहे अपने ईष्ट-मित्रों से फरमाइश कर इसे मंगाते हैं।
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खजूर की महत्ता के बारे में कहा जाता है कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को खजूर बेहद पसंद था और वह प्राथमिकता के तौर पर खजूर से रोजा खोलना पसंद करते थे। खजूर से रोजा खोलना सुन्नत होने के कारण रोजा-इफ्तार के समय दस्तरख्वान पर अन्य लजीज पकवानों के साथ ही खजूर भी अवश्य होता है। खजूर से अफ्तार करने से जहां सुन्नते-रसूल अदा होता है, वहीं खजूर अपनी विशिष्ट विशेषताओं के कारण भी रोजेदारों को तवानाई एवं सेहत प्रदान करता है। हदीस में सेहरी एवं अफ्तार में खजूर के प्रयोग पर जोर दिया गया है। शहर के टाउनहाल के व्यवसायी मो. नसीम ने बताया कि सऊदी के 100 से लेकर दो हजार रुपये तक में खजूर उपलब्ध है। बहरियाबाद के परचून व्यवसायी शमीम अहमद ने बताया कि 80 से 500 रुपये किलो तक के खजूर उपलब्ध हैं। स्वदेशी खजूर के साथ ही ईरान की कास खजूर, हारमनी खजूर, मबरूक खजूर, जसवा खजूर, मरयमी खजूर, ईराक की क्राफ्ट खजूर ओमान की फरहत खजूर, दुबई की गल्फ खजूर, सउदी अरब की सगावी और बेस्ट खजूर आदि विभिन्न किस्में मौजूद हैं। मदीना मुनव्वरह की सबसे विशिष्ट खजूर अजव-ए-आम महंगी होने की वजह से आम तौर पर बाजारों में इक्का-दुक्का ही नजर आती। लोग अरब में रह रहे अपने ईष्ट-मित्रों से फरमाइश कर इसे मंगाते हैं।
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