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मेरी जिंदगी है बासी अखबार की तरह

Mon, 14 Aug 2017 11:27 PM IST
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:27 PM IST
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मेरी जिंदगी है बासी अखबार की तरह
गाजीपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर श्री राधारमण डिग्री कालेज रुहीपुर के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन प्रगतिशील बुद्धिजीवी विचार मंच के तत्वावधान में किया गया। इस मौके पर शंकर पांडेय सरस ने जिंदगी की व्यथा का जिक्र करते हुए शिकवा नहीं किसी से तकदीर ही है ऐसी, मेरी जिंदगी है बासी अखबार की तरह प्रस्तुत कर लोगों की खूब तालियां बटोरी।
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कवि विजय कुमार मधुरेश ने देश की सीमाओं की हिफाजत कर रहे सैनिकों के संदर्भ में रात-दिन जगा करते है सैनिक देश की सीमा पर, इसी वजह से घर में अपने घर में चैन की नींद सोते है रचना प्रस्तुत कर लोगों को खूब वाहवाही लूटी। इसके अलावा डा. अनूप काल पुरुष, सुदर्शन कुशवाहा, सूरज पांडेय, हरिनारायण यादव, विमल कुमार आदि ने कविता और गलत प्रस्तुत कर लोगों की तालियां बटोरी। कार्यक्रम का शुभारंभ राजेश राज के वाणी वंदना से हुआ। इस अवसर पर दूबरी सिंह यादव, पारसनाथ, रविंद्र यादव, केशव सिंह यादव, अशोक पांडेय, दिनेश यादव, घनश्याम यादव, विपुल यादव, राधिका रानी आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रबंधक रामवृक्ष सिंह यादव तथा संचालन संचालन विजय कुमार मधुरेश ने किया।
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