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इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के विरोध में भरी हुंकार
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गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के क्रम में अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में बुधवार को विद्युत कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर गेट मीटिंग की। इस मौके पर हुई सभा में आरआर प्रसाद ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2018 का विरोध करते हुए बिजली निगमों का एकीकरण कर राज्य विद्युत परिषद का गठन किए जाने, पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों को नियमित किए जाने और बिजली कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की।
मीटिंग में समिति के संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2018 में विद्युत वितरण निजी घरानों द्वारा एवं आपूर्ति उपलब्ध सरकारी संरचनाओं (पोल, तार, सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर आदि) से वर्तमान निगमों द्वारा किए जाने का प्रावधान किया गया है, ताकि मनमाना विद्युत बिल देश की भोली जनता से वसूलने का मलाईदार कार्य निजी घरानों को बे-रोकटोक सौंप कर होने वाले अतिरिक्त लाभ में अपनी भी हिस्सेदारी की जा सके। बिजली पारेषण एवं वितरण नेटवर्क में होने वाले अरबों रुपये के खर्च के लिए निगमों को उत्तरदायी बनाया जा सके। महेंद्र मिश्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2018 को संसद में पारित होने से रोकना होगा। समिति के सह-संयोजक आशीष चौहान ने कहा कि समान कार्य पर समान वेतन संविदा कर्मियों को मिलना चाहिए। एसके सिंह ने विद्युत प्रबंधन से तत्काल वेतन विसंगतियों का निराकरण करने की मांग की। इस अवसर पर एसएन मौर्या, मनीष कुमार, सुरेश सिंह, प्रकाश नाथ, विजयशंकर राय, शिवदर्शन सिंह (मामा), सुनील श्रीवास्तव, अजय विश्वकर्मा, संजय श्रीवास्तव, संजय यादव, प्रवीण सिंह, भानू प्रताप, जितेंद्र सिंह, इंतजार अहमद, विनय तिवारी, विष्णु राय, राकेश चौधरी, शिवम राय, अभिषेक राय, रवींद्र यादव, अमित कुमार, मदन गोपाल, वीके राव, आलोक कुमार, एसपी चौरसिया, रामअवध राम, अंसर अली, आरएन सिंह, पंकज सिंह, शशिकांत, जयप्रकाश, अरविंद कुशवाहा, महेंद्र नाथ, सिकंदर रजा, रमेश यादव, गुप्तेश्वर राम, शशिकांत मौर्या, पीतांबर, दिनेश विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता आशीष चौहान ने की। अंत में विद्युत कर्मचारियों/अधिकारियों ने जुलूस निकाला जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुंचा। वहां पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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मीटिंग में समिति के संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2018 में विद्युत वितरण निजी घरानों द्वारा एवं आपूर्ति उपलब्ध सरकारी संरचनाओं (पोल, तार, सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर आदि) से वर्तमान निगमों द्वारा किए जाने का प्रावधान किया गया है, ताकि मनमाना विद्युत बिल देश की भोली जनता से वसूलने का मलाईदार कार्य निजी घरानों को बे-रोकटोक सौंप कर होने वाले अतिरिक्त लाभ में अपनी भी हिस्सेदारी की जा सके। बिजली पारेषण एवं वितरण नेटवर्क में होने वाले अरबों रुपये के खर्च के लिए निगमों को उत्तरदायी बनाया जा सके। महेंद्र मिश्रा ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2018 को संसद में पारित होने से रोकना होगा। समिति के सह-संयोजक आशीष चौहान ने कहा कि समान कार्य पर समान वेतन संविदा कर्मियों को मिलना चाहिए। एसके सिंह ने विद्युत प्रबंधन से तत्काल वेतन विसंगतियों का निराकरण करने की मांग की। इस अवसर पर एसएन मौर्या, मनीष कुमार, सुरेश सिंह, प्रकाश नाथ, विजयशंकर राय, शिवदर्शन सिंह (मामा), सुनील श्रीवास्तव, अजय विश्वकर्मा, संजय श्रीवास्तव, संजय यादव, प्रवीण सिंह, भानू प्रताप, जितेंद्र सिंह, इंतजार अहमद, विनय तिवारी, विष्णु राय, राकेश चौधरी, शिवम राय, अभिषेक राय, रवींद्र यादव, अमित कुमार, मदन गोपाल, वीके राव, आलोक कुमार, एसपी चौरसिया, रामअवध राम, अंसर अली, आरएन सिंह, पंकज सिंह, शशिकांत, जयप्रकाश, अरविंद कुशवाहा, महेंद्र नाथ, सिकंदर रजा, रमेश यादव, गुप्तेश्वर राम, शशिकांत मौर्या, पीतांबर, दिनेश विश्वकर्मा आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता आशीष चौहान ने की। अंत में विद्युत कर्मचारियों/अधिकारियों ने जुलूस निकाला जो शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुंचा। वहां पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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