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ज्ञान, कर्म एवं उपासना ही योग की त्रिवेणी
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:51 PM IST
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गाजीपुर। पीजी कॉलेज के सत्र 2018 से 2020 तक के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के पांच दिवसिय योग प्रशिक्षण का सोमवार को समापन हो गया। इस अवसर पर मुख्य नियंता प्रोफेसर बालेश्वर सिंह ने कहा कि असफलताओं में बिना घबराए धैर्य पूर्वक पुरुषार्थ से सफलता को प्राप्त करें। ज्ञान, कर्म एवं उपासना ही योग की त्रिवेणी है।
कार्यक्रम में बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. एसडी सिंह परिहार ने कहा कि योग संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए हमारे ऋषियों की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक, प्रामाणिक एवं सार्वभौमिक देन है। योग भौगोलिक राजनैतिक एवं आर्थिक सीमाओं से परे शास्वत सत्य हैं। आज योग के जरिए ही सच्चे अर्थों में वैश्विक योग का निर्माण हो सकेगा। योग के माध्यम से ही विश्व में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसी क्रम में प्रशिक्षक शिवशंकर राय ने सभी को योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराते हुए इससे रोगों के लाभ का महत्व बताया। इस अवसर पर अमित सिंह, गोपाल यादव, महेंद्र सिंह यादव, मुरारी, सुभाष आदि उपस्थित थे।
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कार्यक्रम में बीएड विभागाध्यक्ष डॉ. एसडी सिंह परिहार ने कहा कि योग संसार के प्रत्येक व्यक्ति के लिए हमारे ऋषियों की सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक, प्रामाणिक एवं सार्वभौमिक देन है। योग भौगोलिक राजनैतिक एवं आर्थिक सीमाओं से परे शास्वत सत्य हैं। आज योग के जरिए ही सच्चे अर्थों में वैश्विक योग का निर्माण हो सकेगा। योग के माध्यम से ही विश्व में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। इसी क्रम में प्रशिक्षक शिवशंकर राय ने सभी को योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराते हुए इससे रोगों के लाभ का महत्व बताया। इस अवसर पर अमित सिंह, गोपाल यादव, महेंद्र सिंह यादव, मुरारी, सुभाष आदि उपस्थित थे।
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