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पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही खरीदा जाएगा धान
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:28 PM IST
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गाजीपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में मूल्य समर्थन योजना के तहत धान की खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण प्रारंभ है। अब तक मात्र सवा सौ से कुछ अधिक ने ही पंजीकरण कराया है। पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही धान क्रय केंद्रों पर खरीद जाएगा।
प्रदेश में पहली बार बिचौलियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खाद्य विभाग के पंजीयन पोर्टल को राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे भूमि के रकबे का ऑनलाइन विवरण प्राप्त कर संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार के माध्यम से फसल के रकबे का ऑनलाइन सत्यापन कराया जा सके। इसके लिये सभी उपजिलाधिकारियों को एनआईसी की ओर से खाद्य विभाग के पोर्टल पर लॉगइन आईडी एवं पासवर्ड शीघ्र ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण तथा खतौनी की खाता संख्या को पंजीकरण प्रपत्र मेें भरना होगा। खतौनी की संख्या के आधार पर राजस्व विभाग के पोर्टल पर भू-लेख के माध्यम से भूमि का रकबा स्वत: प्रदर्शित होगा, जिसमें किसान को अपनी हिस्सेदारी एवं बोए गए धान के रकबे को फीड करना होगा। इसके बाद संबंधित उपजिलाधिकारी-तहसीलदार द्वारा उक्त घोषणा के आधार पर किसान के भूमि के रकबे का ऑनलाइन सत्यापन खाद्य विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए लॉगइन के माध्यम से किया जाएगा। उपजिलाधिकारी के सत्यापन के बाद पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी और संबंधित किसान पंजीकरण का प्रिंट आउट प्राप्त कर सकेंगे। क्रय केंद्र पर धान बेचने के समय किसान को उक्त पंजीकरण प्रमाण-पत्र के साथ बैंक खाता पासबुक एवं आधार मूल रूप से केंद्र प्रभारी के सामने अंकित विवरण से मिलान के लिए प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि कृषक पंजीकरण सुविधा 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
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प्रदेश में पहली बार बिचौलियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खाद्य विभाग के पंजीयन पोर्टल को राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा गया है। इससे भूमि के रकबे का ऑनलाइन विवरण प्राप्त कर संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी, तहसीलदार के माध्यम से फसल के रकबे का ऑनलाइन सत्यापन कराया जा सके। इसके लिये सभी उपजिलाधिकारियों को एनआईसी की ओर से खाद्य विभाग के पोर्टल पर लॉगइन आईडी एवं पासवर्ड शीघ्र ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण तथा खतौनी की खाता संख्या को पंजीकरण प्रपत्र मेें भरना होगा। खतौनी की संख्या के आधार पर राजस्व विभाग के पोर्टल पर भू-लेख के माध्यम से भूमि का रकबा स्वत: प्रदर्शित होगा, जिसमें किसान को अपनी हिस्सेदारी एवं बोए गए धान के रकबे को फीड करना होगा। इसके बाद संबंधित उपजिलाधिकारी-तहसीलदार द्वारा उक्त घोषणा के आधार पर किसान के भूमि के रकबे का ऑनलाइन सत्यापन खाद्य विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए लॉगइन के माध्यम से किया जाएगा। उपजिलाधिकारी के सत्यापन के बाद पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी और संबंधित किसान पंजीकरण का प्रिंट आउट प्राप्त कर सकेंगे। क्रय केंद्र पर धान बेचने के समय किसान को उक्त पंजीकरण प्रमाण-पत्र के साथ बैंक खाता पासबुक एवं आधार मूल रूप से केंद्र प्रभारी के सामने अंकित विवरण से मिलान के लिए प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि कृषक पंजीकरण सुविधा 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
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