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गुरु का कार्य सृजन, संचालन और रक्षा करना होता है
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गाजीपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि गुरु का कार्य सृजन करना, संचालन करना एवं रक्षा करना होता है। इसके बाद गुरु ही साक्षात परमेश्वर हो जाता है। हमारे विद्यालयों-महाविद्यालयों से ही राष्ट्र निर्माण होता है। यह अत्यंत दुखद है कि आधुनिक युवा और युवती इस क्षेत्र में अंतिम विकल्प के रूप में जाना चाहते हैं। हमें इस हालात को बदलना होगा। हम देश की सेवा बिना किसी सरकारी पद एवं प्रतिष्ठा के भी कर सकते हैं। यह बातें उन्होंने राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के 41वें वार्षिकोत्सव, मेधा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत ही कम है। छात्राओं को धैर्य पूर्वक अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए तब तक प्रयास करना चाहिए जब तक सफलता मिल न जाए। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी डॉ. केके तिवारी ने इस विद्यालय को पूर्वांचल का गौरव बताया। कहा यहां की छात्राओं की मेधा के कारण ही इस विश्वविद्यालय का पूरे प्रदेश में नाम है लेकिन अफसोस जताया कि तमाम सामाजिक एवं पारिवारिक रुढ़ियों एवं पिछड़ी सोच के कारण मेधावी छात्राएं असमय महाविद्यालय छोड़कर चली जाती हैं जिससे कि राष्ट्र की बड़ी क्षति होती है। इसके पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य, प्रज्ञा रेंजर की कलर पार्टी एवं रेंजर प्रभारी डॉ. शिवकुमार ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को मंच तक पहुंचाया तथा महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सविता भारद्वाज एवं प्राध्यापकों ने अतिथि द्वय का बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न से स्वागत एवं अभिनंदन किया। डॉ. निरंजन कुमार ने स्वरचित अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए उसे मुख्य अतिथि को भेंट किया जबकि संतन कुमार राम ने विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान डॉ. विकास सिंह के संपादन में प्रकाशित ‘ सह अस्तित्व: एक विचार ’ पुस्तक का विमोचन भी इस अवसर पर किया गया। संचालन समारोहक डॉ. विकास सिंह, छायांकन मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार, आभार ज्ञापन डॉ दीप्ति सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर स्टाफ क्लब की ओर सेवानिवृत कर्मचारियों रतन लाल, जोखू लाल का सम्मान भी किया गया। देर रात तक विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहा।
मेधावियों को किया पुरस्कृत
गाजीपुर। वार्षिकोत्सव, मेधा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह में महाविद्यालय के स्नातक, परास्नातक, विभिन्न गतिविधियों की श्रेष्ठ छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। हिंदी से ज्योति राय, अंग्रेजी से विनीता यादव, गृह विज्ञान से कात्यायनी रॉय, राजनीति विज्ञान से ज्योति यादव, अर्थशास्त्र से अन्नू सिंह, शिक्षाशास्त्र से प्रिया गुप्ता, कला स्नातक बीए से सृजेता, विज्ञान स्नातक बीएससी से अंजली मिश्रा को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना से सलमा खातून, एनसीसी से आफरीन परवीन, रेंजर से शिवांगी गोंड़, क्रीड़ा चैंपियन आबिदा खातून, संस्कृति विभाग से पूजा मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार मिला। सामान्य ज्ञान में दिव्या प्रधान, शिखा यादव एवं वाद विवाद प्रतियोगिता में साधना यादव, निशा यादव, वंदना वर्मा आदि को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की ओर से डॉ. कौशल कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अकबर-ए-आजम, डॉ. दिवाकर मिश्रा, अमित यादव, विकास सिंह, राजनाथ कुशवाहा को सर्जना सम्मान से सम्मानित किया गया।
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उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता के बीच की दूरी बहुत ही कम है। छात्राओं को धैर्य पूर्वक अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए तब तक प्रयास करना चाहिए जब तक सफलता मिल न जाए। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी डॉ. केके तिवारी ने इस विद्यालय को पूर्वांचल का गौरव बताया। कहा यहां की छात्राओं की मेधा के कारण ही इस विश्वविद्यालय का पूरे प्रदेश में नाम है लेकिन अफसोस जताया कि तमाम सामाजिक एवं पारिवारिक रुढ़ियों एवं पिछड़ी सोच के कारण मेधावी छात्राएं असमय महाविद्यालय छोड़कर चली जाती हैं जिससे कि राष्ट्र की बड़ी क्षति होती है। इसके पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य, प्रज्ञा रेंजर की कलर पार्टी एवं रेंजर प्रभारी डॉ. शिवकुमार ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को मंच तक पहुंचाया तथा महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. सविता भारद्वाज एवं प्राध्यापकों ने अतिथि द्वय का बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न से स्वागत एवं अभिनंदन किया। डॉ. निरंजन कुमार ने स्वरचित अभिनंदन पत्र का वाचन करते हुए उसे मुख्य अतिथि को भेंट किया जबकि संतन कुमार राम ने विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। इस दौरान डॉ. विकास सिंह के संपादन में प्रकाशित ‘ सह अस्तित्व: एक विचार ’ पुस्तक का विमोचन भी इस अवसर पर किया गया। संचालन समारोहक डॉ. विकास सिंह, छायांकन मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार, आभार ज्ञापन डॉ दीप्ति सिंह ने व्यक्त किया। इस अवसर पर स्टाफ क्लब की ओर सेवानिवृत कर्मचारियों रतन लाल, जोखू लाल का सम्मान भी किया गया। देर रात तक विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहा।
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मेधावियों को किया पुरस्कृत
गाजीपुर। वार्षिकोत्सव, मेधा सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह में महाविद्यालय के स्नातक, परास्नातक, विभिन्न गतिविधियों की श्रेष्ठ छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। हिंदी से ज्योति राय, अंग्रेजी से विनीता यादव, गृह विज्ञान से कात्यायनी रॉय, राजनीति विज्ञान से ज्योति यादव, अर्थशास्त्र से अन्नू सिंह, शिक्षाशास्त्र से प्रिया गुप्ता, कला स्नातक बीए से सृजेता, विज्ञान स्नातक बीएससी से अंजली मिश्रा को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना से सलमा खातून, एनसीसी से आफरीन परवीन, रेंजर से शिवांगी गोंड़, क्रीड़ा चैंपियन आबिदा खातून, संस्कृति विभाग से पूजा मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ छात्रा का पुरस्कार मिला। सामान्य ज्ञान में दिव्या प्रधान, शिखा यादव एवं वाद विवाद प्रतियोगिता में साधना यादव, निशा यादव, वंदना वर्मा आदि को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की ओर से डॉ. कौशल कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अकबर-ए-आजम, डॉ. दिवाकर मिश्रा, अमित यादव, विकास सिंह, राजनाथ कुशवाहा को सर्जना सम्मान से सम्मानित किया गया।
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