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माइनर के पानी से जलमग्न हुई सैकड़ों बीघा फसल
Updated Thu, 15 Nov 2018 11:43 PM IST
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सुहवल(गाजीपुर)। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लापरवाही के चलते क्षेत्र अंतर्गत ताड़ीघाट रजवाहा एवं अधियारा आदि माइनरों में असमय पूरी क्षमता से पानी छोड़ दिया गया था। इसकी वजह से चकिया उर्फ चकमजीठ गांव सहित अगल-बगल के किसानों की सैकड़ों बीघा तैयार धान की फसल जलमग्न हो गई। भारी नुकसान को लेकर किसानों में संबंधित विभाग के प्रति रोष है। वह उपजिलाधिकारी से इसकी शिकायत करने का मन बना रहे हैं। चेतावनी दिया कि यदि नुकसान मुआवजा नहीं मिला तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
चकिया उर्फ चकमजीठ गांव किसान किसान रामविलास, राकेश कुमार बिंद, सुनील कुमार, गोविंद बिंद, बबलू प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, रामकृत, शंभूनाथ, तारकेश्वर, मनोज कुमार, शेषनाथ, शिव मोहन, रामनिवास, टुन्नू, हरजीत, रामजन्म आदि किसानों ने छठ पूजा के लिए बीते 12 नवंबर को माइनर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ दिया गया, जिससे ओवरफ्लो होने से दर्जनों लोगों के खेत जलमग्म हो गए और सैकड़ों बीघा धाम की तैयार फसल पानी में डूब गई। मेहनत कर उगाई गई फसल आंखों के सामने बर्बाद हो रही है। इसके साथ ही आगामी बोई जाने वाली गेंहू आदि की फसलों के बोए जाने को लेकर चिंता सता रही है। कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी आज तक कोई निरीक्षण करने नहीं आया। कहा कि इस संबंध में उपजिलाधिकारी से मिलकर संबंधित विभाग की शिकायत की जाएगी। क्षति का मुआवजा नहीं मिला तो सड़क पर उतरा जाएगा। इस संबंध में ताड़ीघाट रजवाहा के अवर अभियंता दुर्गेश कुमार ने बताया कि डाला छठ को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नहरों में पानी छोड़ा गया था। ओवर फ्लो की वजह से पानी खेतों में चला गया। सूचना मिलते ही उक्त नहरों, माइनरों का पानी बुधवार को ही बंद कर दिया गया।
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चकिया उर्फ चकमजीठ गांव किसान किसान रामविलास, राकेश कुमार बिंद, सुनील कुमार, गोविंद बिंद, बबलू प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, रामकृत, शंभूनाथ, तारकेश्वर, मनोज कुमार, शेषनाथ, शिव मोहन, रामनिवास, टुन्नू, हरजीत, रामजन्म आदि किसानों ने छठ पूजा के लिए बीते 12 नवंबर को माइनर में पूरी क्षमता से पानी छोड़ दिया गया, जिससे ओवरफ्लो होने से दर्जनों लोगों के खेत जलमग्म हो गए और सैकड़ों बीघा धाम की तैयार फसल पानी में डूब गई। मेहनत कर उगाई गई फसल आंखों के सामने बर्बाद हो रही है। इसके साथ ही आगामी बोई जाने वाली गेंहू आदि की फसलों के बोए जाने को लेकर चिंता सता रही है। कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बाद भी आज तक कोई निरीक्षण करने नहीं आया। कहा कि इस संबंध में उपजिलाधिकारी से मिलकर संबंधित विभाग की शिकायत की जाएगी। क्षति का मुआवजा नहीं मिला तो सड़क पर उतरा जाएगा। इस संबंध में ताड़ीघाट रजवाहा के अवर अभियंता दुर्गेश कुमार ने बताया कि डाला छठ को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नहरों में पानी छोड़ा गया था। ओवर फ्लो की वजह से पानी खेतों में चला गया। सूचना मिलते ही उक्त नहरों, माइनरों का पानी बुधवार को ही बंद कर दिया गया।
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